
अशोकनगर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की अशोकनगर पुलिस (Ashok Nagar Police) ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग (Lawrence Bishnoi Gang) के खतरनाक गुर्गे को गिरफ्तार कर एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। राजस्थान (Rajasthan) के रहने वाले आरोपी ने शहर के एक व्यापारी से 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। आरोपी ने फिरौती नहीं मिलने पर व्यापारी के घर को पेट्रोल बम से उड़ाने की योजना बनाई थी। पुलिस ने आरोपी को एक होटल से पकड़ा और उसके पास से छह पेट्रोल बम, फर्जी आधार कार्ड और मोटरसाइकिल बरामद की है। आरोपी हैरी बॉक्सर और ऋतिक बॉक्सर के संपर्क में था। वारदात के लिए उसे एक लाख रुपये एडवांस मिले थे।
मांगी थी 10 करोड़ की फिरौती
पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने गुरुवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 12 फरवरी को शहर के व्यापारी अंकित अग्रवाल को व्हाट्सएप कॉल, वीडियो कॉल और वॉइस नोट के जरिए हैरी बॉक्सर के नाम से धमकी मिली थी। इसमें 10 करोड़ रुपये की मांग की गई थी और पैसे नहीं देने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी।
गोवा तक तकनीकी साक्ष्य जुटाए
कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने सादे कपड़ों में शहर के होटलों, लॉज और बस स्टैंड पर सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। जयपुर, जैसलमेर, इंदौर से लेकर गोवा तक तकनीकी साक्ष्य जुटाए। शहर में पुलिस की कड़ी निगरानी के दौरान, 5 मार्च की रात मिलन तिराहे के पास फरियादी व्यापारी के घर के आसपास एक युवक संदिग्ध हालत में घूमता मिला।
बरामद किए छह पेट्रोल बम
पुलिस ने जब उसे हिरासत में लेकर तलाशी ली, तो उसके पास से छह पेट्रोल बम, दो मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ। पूछताछ में पता चला कि वह पिछले आठ दिनों से फर्जी आधार कार्ड के जरिए एक होटल में रुका था और खुद को व्यापारी बताकर लोगों को गुमराह करते हुए स्टेशन रोड इलाके की रेकी कर रहा था।
जयपुर क्लब फायरिंग के बाद ऋतिक बॉक्सर के संपर्क में आया
आरोपी जयपुर राजस्थान के साकून दादू का रहने वाला है। आरोपी मनीष जांगिड़ ने बताया कि वह साल 2024 में हुए जयपुर क्लब फायरिंग कांड के बाद ऋतिक बॉक्सर के संपर्क में आया था। इसके बाद वह हैरी बॉक्सर से जुड़ा और गैंग के लिए काम करने लगा। वारदात को अंजाम देने के लिए उसे एक लाख रुपये एडवांस दिए गए थे। पुलिस की ओर से हैरी बॉक्सर और ऋतिक बॉक्सर के खिलाफ तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की बारीकी से जांच की जा रही है।
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