
सागर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सागर जिले (Sagar district) से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया पर हथियार चमकाना (Brandishing weapons) दो भाइयों को भारी पड़ गया। तिली तिगड्डा (गोपालगंज थाना क्षेत्र) इलाके में पिस्टल के साथ तस्वीर वायरल होने के बाद जब पुलिस दबिश देने पहुंची, तो घर में हथियार तो नहीं मिले, लेकिन अलमारी खोलते ही अधिकारियों के होश उड़ गए। अलमारी में ठसाठस भरे नोटों के बंडल बरामद हुए, जिन्हें गिनने के लिए मौके पर नोट काउंटिंग मशीन मंगानी पड़ी। प्रारंभिक जांच में बरामद नकदी लगभग 3 करोड़ रुपये (3 Crore Cash) बताई जा रही है।
किराए की टैक्सी चलाते हैं आरोपी भाई
गोपालगंज पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया पर असलहे के साथ फोटो के आधार पर सौरभ अहिरवार पिता स्वर्गीय जगदीश अहिरवार के मकान पर छापेमारी की गई थी। सौरभ अपने भाई अंकित और मां के साथ रहता है। दोनों भाई किराए की टैक्सी चलाते हैं, हालांकि क्षेत्र में उनके बड़े खर्चों को लेकर चर्चाएं बनी रहती थीं। जब पुलिस टीम ने मकान की तलाशी ली तो कमरे की अलमारी से नोटों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ।
भोपाल के पीडब्ल्यूडी इंजीनियर की बताई जा रही रकम
पूछताछ के दौरान परिजनों ने दावा किया कि बरामद रकम भोपाल में पीडब्ल्यूडी विभाग में कार्यरत उनके एक रिश्तेदार रमेश कुमार की है। परिजनों का कहना है कि यह रकम करीब आठ महीने पहले उनके घर लाकर रखी गई थी। हालांकि, सामान्य किराए की टैक्सी चलाने वाले परिवार के घर इतनी बड़ी मात्रा में नकदी रखे जाने के दावे को पुलिस बेहद संदिग्ध मान रही है।
आयकर और राजस्व विभाग की जांच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अनुराग सुजानिया और एडिशनल एसपी नरेंद्र सोलंकी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और कई घंटों तक जांच की निगरानी की। एसपी सुजानिया ने बताया कि हथियार प्रदर्शित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान यह नकदी मिली है। रकम के वास्तविक मालिक, कानूनी स्रोत और दस्तावेजों की पड़ताल के लिए आयकर विभाग और राजस्व विभाग को सूचित कर दिया गया है। संबंधित टीमों की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
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