बड़ी खबर

राष्ट्रीय किसान दिवस: इन स्‍कीमों ने बदली किसान की जिंदगी, कितना मिलता है लाभ

नई दिल्‍ली: आज राष्‍ट्रीय किसान दिवस (National Farmers Day) है. यह दिन हमारे अन्‍नदाताओं के योगदान के सम्मान में और देश की प्रगति में उनके महत्व को बताने के लिए मनाया जाता है. भारत की आर्थिक तरक्‍की में खेती का बड़ा योगदान है. कोविड-19 (Covid-19) की चुनौतियों के बीच पिछले तीन वर्षों में कृषि ही एकमात्र ऐसा सेक्‍टर रहा है जिसकी विकास दर घटी नहीं है. यह देश के किसानों की मेहनत का ही परिणाम था कि कोविड-19 के कठिन दौर में भी देश का कोई व्‍यक्ति भूखा नहीं सोया.

किसान दिवस (Kisan Diwas) की शुरुआत साल 2001 में हुई. 23 दिसंबर भारत के पांचवें प्रधानमंत्री और किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह (Chaudhary charan singh) का जन्मदिन है. उनके जन्‍मदिन को ही किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है. सरकार अब किसानों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कई योजनाएं चला रही है. किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभप्रद बनाने में इन योजनाओं का बड़ा हाथ है. हर किसान को इन योजनाओं के बारे में पता होना चाहिए और उन्‍हें इनका लाभ उठाना चाहिए.

किसानों को रोजमर्रा के कामकाज करने में पैसों की दिक्‍कत ने आए, इसके लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निधि योजना (Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi Yojana) चलाई है. पीएम किसान योजना के तहत किसानों को सरकार हर साल 6,000 रुपये देती है. यह रकम तीन किस्‍तों में सीधे किसानों के खाते में भेजी जाती है. इस योजना की 12 किस्‍तें किसानों को मिल चुकी हैं. 12वीं किस्‍त देश के 8 करोड़ से ज्‍यादा किसानों को मिली थी.

खेती का विस्तार करने, पानी की बचत और सिंचाई की आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्‍साहित करने के लिए कृषि सिंचाई योजना (Sinchayee Yojana) चलाई जा रही है. पानी के सही इस्तेमाल वाली तकनीकों को अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया जाता है. योजना के तहत टपक और फव्वारा सिंचाई तकनीक पर किसानों को सब्सिडी भी दी जाती है. किसान अधिक जानकारी के लिए ऑफिशियल वेबसाइट https://pmksy.gov.in/ पर विजिट कर सकते हैं.


किसानों को साहूकारों के पंजे से छुड़ाने में किसान क्रेडिट कार्ड योजना (Kisan Credit Card Scheme) ने अहम भूमिका निभाई है. सरकार किसानों को बहुत मामूली ब्‍याज पर 3 लाख रुपये इस योजना के तहत देती है. इस पैसे को किसान कभी भी और कितनी ही बार में निकाल सकता है. किसान को साल में एक बार कर्ज का ब्‍याज भरना होता है. वहीं, साल में एक बार मूलधन और ब्‍याज दोनों जमा कराना होता है. खास बात यह है कि ब्‍याज और मूलधन जमा कराने के अगले ही दिन किसान मूलधन की पूरी राशि वापस बैंक से निकलवा सकता है.

प्राकृतिक आपदाओं और कुछ अन्‍य कारणों से फसल बर्बाद होने पर किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) शुरू की गई है. इस योजना के तहत किसानों की फसल का बीमा किया जाता है. रबी फसलों का बीमा कराने के लिए किसान को कुल प्रीमियम का केवल 1.5 फीसदी और खरीफ की फसलों के लिए 3 फीसदी तक राशि देनी होती है. बीमा कंपनी को शेष राशि सरकार देती है. अगर प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को नुकसान हो जाए तो 72 घंटे के अंदर बीमा कंपनी को सूचना देनी होती है. योजना से जुड़ी अधिक जानकारी आधिकारिक वेबसाइट https://pmfby.gov.in/ पर उपलब्‍ध है.

खेतों की सिंचाई के लिए किसानों को सब्सिडी पर सोलर वाटर पंप सेट देने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना चलाई है. पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप सरकार ही लगाती है. केंद्र सरकार 30 फीसदी सब्सिडी देती है. राज्‍य सरकार भी 30 फीसदी सब्सिडी देती है. वहीं, हरियाणा सहित कुछ राज्‍य सरकारें ज्‍यादा सब्सिडी देती हैं. किसान को कुल खर्च का केवल 25-40 फीसदी ही वहन करना होता है. इस योजना से जुड़ी जानकारी pmkusumyojna.co.in पर उपलब्‍ध है.

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना
इसे किसान पेंशन योजना भी कहते हैं. पीएम किसान मानधन योजना के तहत 18 से 40 साल उम्र किसान हर महीने 55 से 200 रुपये का अंशदान करके 60 साल की उम्र के बाद पेंशन के हकदार हो सकते हैं. किसान के 60 साल के होने पर सरकार की तरफ से 3,000 रुपये महीने तक की पेंशन दी जाएगी.

Share:

Next Post

केएल राहुल नाम के अनुरूप प्रदर्शन करने में लगातार हो रहे हैं फ्लॉप

Fri Dec 23 , 2022
नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश (India vs Bangladesh) के बीच जारी दूसरा टेस्ट मुकाबला 22 दिसंबर से शेर ए बांग्ला स्टेडियम में खेला जा रहा है. इस रोमांचक मुकाबले में मेजबान टीम को पहली पारी में 227 रनों पर समेटने के बाद भारतीय टीम की भी कुछ खास शुरूआत नहीं हुई है. टीम ने अपने […]