
कोलकाता । मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (Chief Minister Suvendu Adhikari) ने कहा कि पश्चिम बंगाल में (In West Bengal)सातवें वेतन आयोग सहित कई प्रस्तावों (Several proposals including Seventh Pay Commission) को मंजूरी दी गई (Have been Approved) ।
सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य की महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक कल्याण विभाग की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि 7वें वेतन आयोग को लागू करना राज्य कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी और इसे कैबिनेट में मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने राज्य में “अन्नपूर्णा भंडार” परियोजना को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत महिलाओं को प्रतिमाह 3,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। यह योजना हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के संकल्प पत्र में शामिल थी।
उन्होंने कहा कि पहले से “लक्ष्मी भंडार” योजना का लाभ ले रही महिलाओं के नाम स्वतः ही नई “अन्नपूर्णा भंडार” योजना से जोड़ दिए जाएंगे और राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। जो महिलाएं अब तक किसी योजना का लाभ नहीं ले रही थीं, वे नए पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगी, जिसे जल्द ही शुरू किया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने 1 जून से राज्य की सभी सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा सुविधा लागू करने का भी निर्णय लिया है। हालांकि, बसों की संख्या बढ़ाने पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है और मौजूदा सरकारी बस ढांचे का ही उपयोग किया जाएगा। राज्य का पूर्ण बजट जून में पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बैठक में यह भी कहा कि कुछ नई इलेक्ट्रिक बसें राज्य परिवहन व्यवस्था में जोड़ी जाएंगी।
इसके अलावा, कैबिनेट ने यह भी निर्णय लिया कि सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों तथा अल्पसंख्यक मामलों एवं मदरसा शिक्षा विभागों के तहत धार्मिक आधार पर दी जाने वाली सभी सहायक योजनाएं अगले महीने से बंद कर दी जाएंगी। ऐसे सभी छात्रवृत्ति कार्यक्रम केवल इस महीने तक ही जारी रहेंगे और 1 जून से रोक दिए जाएंगे।
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