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उत्तराखंड में कुदरत का कहर: बारिश और भूस्खलन से 7 की मौत, 172 सड़कें ठप; UP-झारखंड में भी अलर्ट

September 02, 2026

नई दिल्ली. देश (India) के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश (Heavy rain) ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. नदियां उफान (Rivers in spate) पर हैं, निचले इलाकों में जलभराव के कारण लाखों लोगों को ऊंचाई वाले इलाकों में जाने पर मजबूर होना पड़ा है. वहीं पहाड़ी राज्यों में जगह-जगह लैंडस्लाइड के कारण सड़कें बंद हैं और कई इलाकों में फ्लैश फ्लड का खतरा बना गया है. उत्तराखंड में अल्मोड़ा, बागेश्वर, टिहरी, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और पौड़ी में बारिश से जुड़ी घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है.

अब तक अलग-अलग हादसों में 7 लोगों की मौत की खबर है. प्रशासन और स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं. बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में 172 से ज्यादा सड़कें बंद हैं. इनमें पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर में एक-एक हाईवे भी शामिल है. कई जगह सड़कें खोलने के लिए जेसीबी और अन्य मशीनों से मलबा हटाने का काम जारी है.


  • गौला नदी उफान पर, खकरा का जलस्तर बढ़ा
    लगातार बारिश के बाद हल्द्वानी से गौला नदी में करीब 27 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. ऊधम सिंह नगर के किच्छा, पुलभट्टा, शांतिपुरी और सूर्यनगर में प्रशासन लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को नदी से दूर रहने की सलाह दे रहा है. कई इलाकों में जलभराव की वजह से डिग्री कॉलेज और साप्ताहिक बाजार भी प्रभावित हुए हैं.

    खटीमा के वनगांव में खकरा नदी का जलस्तर बढ़ने से दो दर्जन से अधिक परिवार जलभराव की चपेट में आ गए. प्रशासन, SDRF और पुलिस ने कुछ परिवारों को राहत शिविरों में पहुंचाया है. रघुलिया प्राथमिक विद्यालय को राहत कैंप बनाया गया है, जहां प्रभावित लोगों को भोजन और पानी समेत जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं.

    पौड़ी में मां-बेटी नदी में बहीं, दोनों की मौत
    पौड़ी के कोटद्वार में एक दर्दनाक हादसे में मां और उसकी डेढ़ साल की बेटी की नदी में बहने से मौत हो गई. बताया गया कि स्नेह क्षेत्र में कोल्हू नदी पार करते समय डेढ़ साल की आफिया मां जेनम की गोद से तेज बहाव में बह गई. बेटी को बचाने की कोशिश में 26 वर्षीय मां भी नदी में बह गई. SDRF और पुलिस की टीमों ने दोनों के शव बरामद किए हैं.

    बागेश्वर में NH-109 समेत 16 मोटर मार्ग बंद
    बागेश्वर में भारी बारिश और लैंडस्लाइड से NH-109 समेत 16 मोटर मार्ग बंद हैं. रवाईखाल में सड़क बंद होने से एंबुलेंस, बस और टैक्सी समेत सैकड़ों वाहन घंटों फंसे रहे. मरीज को लेकर बैजनाथ जा रही एंबुलेंस भी करीब डेढ़ घंटे तक जाम में फंसी रही. सड़क से मलबा हटाने का काम जारी है. नैनीताल में भी कोसी और शिप्रा नदियां उफान पर हैं.

    प्रशासन ने गरमपानी, खैरना, बेतालघाट और रामनगर के नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क किया है. कैंची धाम के पास शिप्रा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है. हल्द्वानी के रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर गौला नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद अंतिम संस्कार के लिए रखे शव और चिताएं भी तेज बहाव की चपेट में आ गईं. इससे घाट पर अफरा-तफरी मच गई.

    टिहरी-चमोली में लैंडस्लाइड, केदारनाथ रुकी
    टिहरी में भारी बारिश के बाद NH-34 समेत कई सड़कों पर पहाड़ों से पानी के साथ मलबा आ गया है. घनसाली और बालगंगा क्षेत्र में भूस्खलन से कई मकानों पर खतरा मंडरा रहा है. प्रशासन राहत कार्य में जुटा है और प्रभावित इलाकों में भूवैज्ञानिक विशेषज्ञों की टीम भेजने की तैयारी है. चमोली में थराली-देवाल मार्ग लैंडस्लाइड के कारण बंद हो गया है. वहीं लगातार बारिश के चलते सोनप्रयाग में केदारनाथ यात्रा रोक दी गई है. मसूरी-देहरादून मार्ग भी पानीवाला बैंड के पास सड़क का हिस्सा धंसने के कारण बार-बार बंद हो रहा है. सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं. फिलहाल मलबा हटाकर रास्ता खोला गया है, लेकिन लगातार बारिश के कारण दोबारा बाधित होने का खतरा बना हुआ है.

    अल्मोड़ा में मलबे में दबकर 5 लोगों की मौत
    अल्मोड़ा में अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों की मौत की खबर है. हवालबाग के उदयुड़ा गांव में मकान पर मलबा गिरने से दो महिलाओं और एक मासूम बच्चे की मौत हो गई. वहीं धार के टूनी इलाके में मलबे में दबने से दो नेपाली मजदूरों की मौत की सूचना है. SDRF और पुलिस की टीमें मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं. भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में 2 सितंबर को कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला लिया गया है.

    यूपी के कई जिलों बाढ़ जैसे हालात
    उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. सीतापुर में मंगलवार को मकान की मिट्टी की दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई. वहीं गाजीपुर में गंगा में नहाते समय दो नाबालिग लड़कियां बह गईं, जिनकी तलाश जारी है. बलिया में गंगा का पानी कई रिहायशी इलाकों में पहुंच गया है और करीब 20 हजार लोग प्रभावित हुए हैं. राहत और आवागमन के लिए 47 नावें लगाई गई हैं.

    प्रशासन के मुताबिक गंगा खतरे के निशान से करीब 1.60 मीटर ऊपर बह रही है और बुधवार सुबह तक जलस्तर थोड़ा और बढ़ सकता है. गंगा किनारे के गांवों में अलर्ट बढ़ा दिया गया है. नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) और प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC) की टीमें राहत-बचाव अभियान में जुटी हैं. प्रभावित लोगों के लिए रिलीफ कैंप और कम्युनिटी किचन भी शुरू की गई हैं.

    वाराणसी में गंगा डेंजर मार्क से ऊपर
    वाराणसी में गंगा चेतावनी स्तर को पार कर चुकी है. जलभराव के कारण कई इलाकों में नावों से आवाजाही हो रही है. मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर पानी भरने के बाद अंतिम संस्कार छतों और गलियों में किए जा रहे हैं. वरुणा नदी के किनारे रहने वाले कुछ परिवारों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है.

    चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर
    चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से करीब 4 मीटर ऊपर बह रही है. रामघाट और निर्मोही अखाड़ा समेत कई इलाके जलभराव से प्रभावित हैं. रामघाट और नयागांव को जोड़ने वाला पुल भी क्षतिग्रस्त हुआ है. फंसे लोगों को निकालने के लिए SDRF और NDRF की टीमें तैनात हैं और कुछ लोगों को सेना के हेलीकॉप्टरों से सुरक्षित निकाला गया है. लखीमपुर खीरी में कक्षा 8 तक के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया है. शारदा नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण मैलानी-नानपारा रेलखंड पर भी ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं.

    झारखंड के 10 जिलों में फ्लैश फ्लड का अलर्ट
    झारखंड में भारी बारिश के बाद मौसम विभाग ने 10 जिलों के लिए फ्लैश फ्लड की चेतावनी जारी की है. गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा में बुधवार सुबह तक विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है. राज्य में सबसे ज्यादा 217 मिमी बारिश पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया में दर्ज की गई. इसके बाद गिरिडीह के डुमरी में 162.2 मिमी और लातेहार के महुआडांड़ में 146.2 मिमी बारिश हुई.

    आईएमडी ने गढ़वा, पलामू, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के लिए रेड अलर्ट, जबकि लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी और सरायकेला-खरसावां के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. जमशेदपुर में खरकई और स्वर्णरेखा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. ओडिशा के साथ झारखंड के बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण भी जलस्तर बढ़ा है.

    प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है. गढ़वा में भारी बारिश और संभावित बाढ़ को देखते हुए 2 और 3 सितंबर को सभी स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक झारखंड में 5 सितंबर तक बादल छाए रहने और कई इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है.

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