img-fluid

NCP सांसद सुप्रिया सुले वॉयस रेस्ट पर… दो सप्ताह तक न कुछ बोलेंगी, न बैठकों में जाएंगी

July 19, 2026

मुम्बई। सोमवार से संसद (Parliament) के मॉनसून सत्र (Monsoon Session) की शुरुआत होने वाली है। इससे ठीक पहले महाराष्ट्र (Maharashtra) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party- NCP) के मुखिया शरद पवार (Sharad Pawar) की बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले (Supriya Sule) ने पूरी तरह से मीडिया से दूरी बना ली है। इस दौरान ना तो वह किसी चैनल से बात करेंगी और ना ही किसी तरह का प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। इस दौरान वह किसी रैली को भी संबोधित नहीं करेंगी। आपको बता दें कि सुप्रिया ने खुद इसकी जानकारी दी है।

सुप्रिया सुले के मुताबिक, डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने पूरी तरह से वॉयस रेस्ट यानी कि आवाज को आराम देने का फैसला किया है। पिछले कुछ दिनों से कई राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रहीं सुप्रिया सुले अगले एक से दो सप्ताह तक न तो कोई भाषण देंगी और न ही मीडिया से मुखातिब होंगी।


  • शनिवार को सुप्रिया सुले ने खुद इस बात की जानकारी दी कि वे गले की समस्या से जूझ रही हैं। उन्होंने बताया, “मैंने अपने गले और आवाज की समस्या को लेकर डॉ. मिलिंद कीर्तने से मुलाकात की। उन्होंने मेरे गले में हल्की सूजन पाई है और मुझे पूरी तरह से वॉयस रेस्ट की सलाह दी है।”

    सुले ने आगे बताया कि उन्हें अगले एक-दो सप्ताह तक भाषणों, साक्षात्कारों और लंबे समय तक बोलने से बचने के लिए कहा गया है। वे इस दौरान वॉयस थेरेपी से गुजरेंगी। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया और समर्थकों से सहयोग की अपील की है।

    INDIA गठबंधन की बैठक से भी दूरी
    इस स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण सुप्रिया सुले सोमवार सुबह होने वाली विपक्षी इंडिया (INDIA) गठबंधन की अहम बैठक में भी शामिल नहीं हो सकेंगी। इस बैठक में विपक्षी दल संसद सत्र के दौरान सरकार को घेरने और महत्वपूर्ण विधेयकों पर अपनी साझा रणनीति तय करने वाले हैं।

    आपको बता दें कि सुप्रिया सुले का यह वॉयस रेस्ट ऐसे समय पर आया है जब वे राजनीतिक रूप से दो बेहद संवेदनशील मुद्दों को लेकर लगातार खबरों में बनी हुई हैं। सुप्रिया सुले ने हाल ही में महिला आरक्षण से जुड़े प्रस्तावित परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) को लेकर एक बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी इस विधेयक का बारीकी से अध्ययन करेगी। साथ ही उन्होंने संकेत दिया था कि यदि यह विधेयक सभी राज्यों के लिए लोकसभा सीटों में एक समान 50 प्रतिशत की वृद्धि की गारंटी देता है तो उनकी पार्टी इसका समर्थन कर सकती है। उनके इस रुख के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई थी।

    NCP के दोनों गुटों के विलय की अटकलें
    इसके अलावा सुप्रिया सुले को लगातार उन अटकलों का भी सामना करना पड़ रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP), शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (SP) और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाले राकांपा गुट के बीच विलय का समर्थन कर रही है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी जोरों पर है कि यदि पवार परिवार का यह पुनर्मिलन होता है तो इस कुनबे को केंद्र सरकार में दो मंत्री पद दिए जा सकते हैं। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार की तरह ही ये खबरें भी फिलहाल पूरी तरह से कयासों पर आधारित हैं।

    इस मॉनसून सत्र में सरकार जिस सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील विधेयक को पेश करने की तैयारी में है वह है संविधान 131वां संशोधन विधेयक, 2026। यह विधेयक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन से जोड़ता है।

    Share:

  • Weather: Monsoon active in North and Northeast India for a week; 35 villages in Arunachal hit by floods...

    Sun Jul 19 , 2026
    New Delhi. The India Meteorological Department (IMD) has forecast that the monsoon will remain active over Northwest, East, and Northeast India for the next six to seven days. During this period, heavy to very heavy rainfall is expected in several states, with extremely heavy rainfall in some isolated areas. Conversely, rainfall activity is likely to […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved