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इतने घंटे पहले ट्रेन के कंफर्म टिकट को रद्द कराने पर नहीं मिलेगा रिफंड… रेलवे ने बदला नियम

January 22, 2026

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने अपने नियमों में बड़े बदलाव (Big changes) किए हैं। इसके मुताबिक अब वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस (Vande Bharat Sleeper Express) और अमृत भारत (Amrit Bharat) 2 ट्रेनों के यात्री अगर निर्धारित प्रस्थान समय से आठ घंटे से पहले, अपने कंफर्म टिकट (Confirmed Ticket) रद्द करते हैं तो उन्हें एक भी पैसा वापस नहीं मिलेगा। रेल मंत्रालय द्वारा 16 जनवरी को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, इन ट्रेनों के टिकट रद्द करने का शुल्क किराये का 25 प्रतिशत होगा, बशर्ते कि ‘कंफर्म’ टिकट 72 घंटे से पहले रद्द किए जाएं।

मंत्रालय ने रेल यात्री (टिकट रद्द करना और किराया वापसी) नियम, 2015 में संशोधन किया है और वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के साथ-साथ अमृत भारत 2 ट्रेनों के लिए सख्त नियमों को अधिसूचित किया है। अधिसूचना के अनुसार, ‘‘अगर ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से आठ घंटे से कम समय पहले टिकट रद्द किया जाता है, तो कोई रकम वापस नहीं दी जाएगी।’’ वहीं अन्य ट्रेनों के मामले में, अगर कंफर्म टिकट निर्धारित प्रस्थान समय से चार घंटे से कम समय पहले रद्द किए जाते हैं, तो रिफंड के पात्र नहीं होंगे।


  • अधिसूचना के मुताबिक, ‘‘अगर ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 72 घंटे से पहले टिकट रद्द किया जाता है, तो रद्द करने का शुल्क किराए का 25 प्रतिशत होगा। वहीं अगर ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 72 घंटे से लेकर आठ घंटे पहले तक टिकट रद्द किया जाता है तो इसका शुल्क किराये का 50 प्रतिशत होगा।’’ अन्य ट्रेनों के लिए, अगर कंफर्म टिकट को निर्धारित प्रस्थान समय से 48 घंटे से 12 घंटे पहले रद्द किया जाता है तो किराये का 25 प्रतिशत नहीं लौटाया जाता है, जबकि ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 12 घंटे से 4 घंटे पहले टिकट रद्द किया जाता है तो 50 प्रतिशत शुल्क लागू होता है।

    संशोधित नियमों के बारे में बताते हुए रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘इसका मतलब यह है कि टिकट कंफर्म होने के बाद, इसे रद्द करने का न्यूनतम शुल्क टिकट की कीमत का 25 प्रतिशत है और यह अवधि के आधार पर 100 प्रतिशत तक जा सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत 2 में, अन्य ट्रेनों के विपरीत, प्रत्येक यात्री को एक निश्चित बर्थ की गारंटी दी जाती है। अन्य ट्रेनों में, अगर छह सदस्यों के एक परिवार को केवल तीन निश्चित बर्थ (सीट) मिलती हैं, तो शेष तीन सदस्यों को प्रतीक्षा करनी पड़ती है और उन्हें अन्य परिवार के सदस्यों के साथ बर्थ साझा करनी पड़ती है। वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत 2 में, ऐसे परिवार को या तो छह निश्चित बर्थ मिलेंगी या एक भी नहीं।’’

    अधिकारी ने स्पष्ट किया कि 2026 में शुरू होने वाली अमृत भारत ट्रेन का नाम अमृत भारत 2 रखा गया है और ये आरक्षण और रद्द करने के नियम उन पर भी लागू होंगे। इससे पहले रेलवे द्वारा 15 जनवरी 2025 को जारी एक परिपत्र में कहा गया था कि जनवरी 2026 या उसके बाद शुरू की जाने वाली अमृत भारत ट्रेन को अमृत भारत 2 के नाम से जाना जाएगा।

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