
भोपाल। पोषण अभियान (Campaign) को जन-आंदोलन बनाने की आवश्यकता है। इस अभियान (Campaign) से अधिक से अधिक लोगों को जोडऩे की जरूरत है ताकि इससे संबंधित भ्रांतियों को दूर किया जा सके। कुपोषण (Malnutrition) की समस्या को दूर करने के लिए शासन की योजनाओं के साथ समाज का सहयोग भी बहुत जरूरी है। संचालक, महिला एवं बाल विकास स्वाति मीणा (Swati Meena) ने यह बात पीआईबी (PEB) और आरओबी (ROB) भोपाल द्वारा मंगलवार को ‘वर्तमान समय और पोषण अभियान का महत्व’ विषय पर आयोजित वेबिनार (Webinars) में कही। मीणा (Meena) ने कहा कि पोषण अभियान में मिशन मोड (Mission Mod) पर काम हो रहा है और इसके परिणाम भी दिखने लगे हैं। अभियान में डेटा मैनेजमेंट (Data Managment), पोषण ट्रैकर के माध्यम से सारा डेटा सिस्टम (Data System) में एकत्रित किया जा रहा है। इसके आधार पर कमियों को चिन्हित कर उनके सुधार के कार्य किये जा रहे हैं। सुश्री मीणा (Meena) ने कहा कि कुपोषण का मुद्दा सामाजिक, आर्थिक और लैंगिंक समानता से भी जुड़ा है। समाज में महिलाओं को सही पोषण देना अब भी प्राथमिकता में नहीं है। वेबिनार (Webinars) में आहार विशेषज्ञ सुश्री अमिता सिंह ने कहा कि आमतौर पर हमारे आहार में प्रोटीन की काफी कमी देखी जाती है। हमें खाने में दालों को शामिल करने की जरूरत है। दूध भी दिन में दो बार किसी न किसी रूप में लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि खाने में विटामिन सी के साथ मौसमी सब्जियों को भी जरूर शामिल करें। उन्होंने कोरोना काल में आहार विषय पर भी विविध जानकारी दी।
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