
डेस्क: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे 11 हजार से अधिक नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बड़े पैमाने पर निकासी अभियान शुरू कर दिया गया है. संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने बताया है कि इस अभियान के तहत सैकड़ों जहाजों की मदद से समुद्री कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला जाएगा. यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए शांति समझौते के बाद उठाया गया है. दोनों देशों के बीच संघर्ष खत्म करने के लिए हुए समझौते के बाद अब क्षेत्र में समुद्री यातायात को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है.
IMO के अनुसार, इस अभियान में 500 से 600 व्यावसायिक जहाजों को शामिल किया जाएगा. एजेंसी ने जहाजों से संपर्क करना भी शुरू कर दिया है ताकि फंसे हुए नाविकों को सुरक्षित तरीके से खाड़ी क्षेत्र से बाहर निकाला जा सके. युद्ध से पहले हॉर्मुज से प्रतिदिन करीब 130 जहाज गुजरते थे, लेकिन हाल के दिनों में यह संख्या घटकर 20 से 30 जहाज प्रतिदिन रह गई थी. अब निकासी योजना लागू होने के बाद जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे बढ़ने की उम्मीद है.
IMO ने चेतावनी दी है कि समुद्र में बारूदी सुरंगों और खराब नौवहन परिस्थितियों का खतरा बना हुआ है. इसलिए जहाजों के कप्तानों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी ओर से आगे न बढ़ें और अधिकारियों के निर्देशों का इंतजार करें. हर जहाज को एक विशेष ट्रांजिट समूह में शामिल किया जाएगा और उसे यात्रा के लिए अलग-अलग दिन आवंटित किए जाएंगे. मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद हॉर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों में अब तक 14 नाविकों की मौत हो चुकी है. क्षेत्र में लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण समुद्री परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ा है.
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