बीजिंग। चीन के अंतरिक्ष (China’s space sector) कार्यक्रम को बड़ा झटका लगा है। दक्षिणी चीन के हैनान प्रांत स्थित वेनचांग अंतरिक्ष प्रक्षेपण (Wenchang Space Launch) केंद्र से उड़ान भरने वाला लॉन्ग मार्च-7A रॉकेट मिशन (Long March-7A Rocket Mission) पूरा करने में नाकाम रहा। लॉन्च के करीब 85 से 90 सेकंड बाद रॉकेट में अचानक गड़बड़ी आई और वह हवा में ही टूटकर आग के गोले में बदल गया। इस मिशन के साथ भेजा जा रहा झोंगशिंग-4B कम्युनिकेशन सैटेलाइट भी नष्ट हो गया।
मिशन में कोई व्यक्ति सवार नहीं था, इसलिए घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने भी मिशन के असफल होने की पुष्टि की है। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे की तकनीकी वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
लॉन्ग मार्च-7A ने वेनचांग स्पेस लॉन्च साइट से सामान्य तरीके से उड़ान भरी। शुरुआती क्षणों में रॉकेट अपनी निर्धारित दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दिया, लेकिन करीब 85 से 90 सेकंड बाद उसमें गंभीर तकनीकी गड़बड़ी नजर आई।
इसके बाद रॉकेट हवा में ही टूट गया और जोरदार विस्फोट के साथ आग की लपटों में घिर गया। रॉकेट के साथ मौजूद झोंगशिंग-4B सैटेलाइट भी निर्धारित कक्षा तक नहीं पहुंच पाया।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि रॉकेट के किस हिस्से में खराबी आई थी। चीन की तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
लॉन्ग मार्च-7A की दूसरी बड़ी विफलता
यह हादसा चीन के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि लॉन्ग मार्च-7A कोई नया रॉकेट नहीं है। इसने 2020 में पहली उड़ान भरी थी। शुरुआती असफलता के बाद रॉकेट ने 12 से अधिक मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा किया था।
सोमवार शाम की यह घटना लॉन्ग मार्च-7A की दूसरी बड़ी विफलता मानी जा रही है। इससे पहले इसी साल जनवरी में लॉन्ग मार्च परिवार के दूसरे रॉकेट लॉन्ग मार्च-3B का प्रक्षेपण भी असफल रहा था।
क्या चांग E-7 मिशन पर पड़ेगा असर?
चीन के आगामी चंद्र मिशनों को देखते हुए इस विफलता ने चिंता बढ़ा दी है। चीन आने वाले हफ्तों में लॉन्ग मार्च-5 रॉकेट के जरिए चांग E-7 मिशन लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास एक रोबोटिक यान उतारना है।
लॉन्ग मार्च-5 और लॉन्ग मार्च-7A में कुछ तकनीकी समानताएं होने के कारण ताजा विफलता के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या चांग E-7 मिशन की टाइमलाइन प्रभावित हो सकती है। हालांकि, अभी तक चीन की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि इस रॉकेट हादसे का चांग E-7 अभियान पर कोई असर पड़ेगा।
फिलहाल चीन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लॉन्ग मार्च-7A की विफलता के कारण का पता लगाना और भविष्य के मिशनों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है।
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