img-fluid

200 से ज्यादा मौतें और 900 बीमार…कोरोना के बाद अब इबोला वायरस की दवाई बनाएगी भारतीय कंपनी

June 02, 2026

नई दिल्ली। इबोला वायरस (Ebola Virus) की वैक्सीन बनाने का फैसला लिया गया है। क्योंकि यह महामारी दिन-ब-दिन फैलती जा रही है। इसके बढ़ते खतरे को देखते हुए WHO ने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी लागू की हुई है। भारत सरकार ने भी कोरोना काल जैसे प्रोटोकॉल लागू कर दिए, लेकिन अब वैक्सी बनाकर इसे फैलने से रोका जाएगा। इसके लिए दुनियाभर में महामारी से निपटने वाली वैश्विक संस्था ‘सेपी’ (CEPI) ने इबोला वायरस वैक्सीन बनाने के लिए $60 मिलियन (570 करोड़ रुपये) के फंड आवंटित किया है।

200 से ज्यादा लोगों की हो चुकी मौत
कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) और युगांडा सहित पूर्वी अफ्रीका में इबोला वायरस जानलेवा बना हुआ है। वायरस का एक स्ट्रेन ‘बुंडिबुग्यो’ अब तक 200 से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। 900 से ज्यादा लोग इसकी चपेट में हैं। हालातों को देखते हुए वैक्सीन विकसित करने के लिए CEPI कंपनी ने इबोला की वैक्सीन बनाने के लिए भारतीय कंपनी सहित 3 ग्रुपों को 570 करोड़ रुपये दिए हैं। CEPI प्रमुख रिचर्ड हैचेट ने फंड का ऐलान करते हुए जल्द से जल्द वैक्सीन बनाने का निर्देश दिया है।

इन कंपनियों में बांटे गए 570 करोड़
बता दें कि CEPI ने ही कोरोना महामारी की वैक्सीन बनाने के लिए फंड दिया था। अब अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और इंटरनेशनल एड्स वैक्सीन इनिशिएटिव (IAVI) को करीब 60 मिलियन डॉलर की वित्तीय सहायता वैक्सीन बनाने के लिए दी गई है। सबसे ज्यादा 50 मिलियन डॉलर मॉडर्ना कंपनी को दिए गए हैं। ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) को 8.6 मिलियन डॉलर मिले हैं।

ऑक्सफोर्ड और सीरम मिलकर ChAdOx1 Bundibugyo नामक वैक्सीन बनाएंगे, जो उस टेक्नोलॉजी पर बनेगी, जिस पर कोरोना काल में ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका (कोविशील्ड) वैक्सीन बनाई गई थी। तीसरी संस्था IAVI को वैक्सीन बनाने के लिए 3.2 मिलियन डॉलर दिए गए हैं। IAVI सिंगल-डोज वैक्सीन उस टेक्नोलॉजी से बनाएगी, जिससे मर्क (Merck) कंपनी की ‘इरवेबो’ (Ervebo) वैक्सीन बनी है। इरवेबो ने ही इबोला के ‘जायरे’ (Zaire) स्ट्रेन को फैलने से रोकने में अहम भूमिका निभाई थी।

इबोला के लिए करोड़ों डॉलर का पैकेज
दुनिया के कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इबोला के संकट से निपटने के लिए करोड़ों डॉलर के पैकेज देकर मदद की है। वैश्विक वैक्सीन गठबंधन ‘गावी’ (Gavi) ने 50 मिलियन डॉलर देने का संकल्प लिया है। वर्ल्ड बैंक के ‘पेंडैमिक फंड’ ने 220.6 मिलियन डॉलर (करीब 1,840 करोड़ रुपये) की ग्रांट दी है। अफ्रीका महाद्वीप के देशों और वैश्विक स्वास्थ्य संगठनों मिलकर इस भारी भरकम आर्थिक मदद और वैज्ञानिकों की मेहनत से इस जानलेवा महामारी को जल्द ही नियंत्रित कर लेंगे।

Share:

  • बंद घर में मिले एक ही परिवार के तीन लोगों के शव, इलाके में दहशत

    Tue Jun 2 , 2026
    प्रयागराज: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रयागराज जिले (Prayagraj District) के कोतवाली थाना क्षेत्र के साउथ मलाका इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां एक बंद घर के अंदर एक ही परिवार के तीन लोगों के शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. मृतकों में एक बुजुर्ग दंपत्ति और उनकी बेटी […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved