img-fluid

लापरवाही की भेंट चढ़ा 7 करोड़ का धान!

October 22, 2026

  • पांच साल तक ओपन कैप में सड़ता रहा किसानों का अनाज, अब नीलामी की तैयारी

जबलपुर। किसानों ने दिन-रात मेहनत कर अनाज पैदा किया, सरकार ने समर्थन मूल्य पर खरीदा और फिर सरकारी एजेंसियों की निगरानी में वही अनाज खुले आसमान के नीचे सड़ता रहा। पांच साल तक धान का समय पर उठाव नहीं हुआ और अब हालात ऐसे बताए जा रहे हैं कि अनाज काली मिट्टी जैसा हो गया है। जिस धान को लोगों की थाली तक पहुंचना था, उसकी बर्बादी ने सरकारी भंडारण व्यवस्था की पोल खोल दी है। जिले में वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के खराब होने का मामला सामने आया है। ओपन कैप में भंडारित इस धान की दुर्दशा के लिए खरीद, भंडारण और निकासी से जुड़ी सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं। अब मध्यप्रदेश सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन जिले में करीब 6.51 लाख क्विंटल धान की नीलामी की प्रक्रिया कर रहा है, जिसमें पुराने वर्षों का धान भी शामिल है।


  • बडख़ेड़ा और दर्शनी में सबसे ज्यादा बर्बादी
    उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बडख़ेड़ा ओपन कैप में करीब 1987 मीट्रिक टन धान खराब हुआ है। दर्शनी ओपन कैप में 1167 मीट्रिक टन और बंदरकोला में 287 मीट्रिक टन धान भंडारित होने की जानकारी दी गई है। ये आंकड़े खुले में रखे अनाज की सुरक्षा और समय पर निकासी की व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं। नियम के अनुसार, ओपन कैप में अनाज को तीन महीने से अधिक नहीं रखा जाना चाहिए। इसके बावजूद वर्ष 2021-22 में खरीदा गया धान वर्षों तक पड़ा रहा। यदि समय पर उठाव और उचित निगरानी की व्यवस्था होती, तो इस नुकसान को रोका जा सकता था।

    1940 रुपये क्विंटल की दर से खरीदा, अब नीलामी की नौबत
    वर्ष 2021-22 में धान का समर्थन मूल्य 1940 रुपये प्रति क्विंटल था। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, पुराने धान की एक खेप का मूल्य करीब 6.83 करोड़ रुपये आंका गया है। इसमें समितियों का भुगतान, रखरखाव और अन्य खर्च जोडऩे पर आर्थिक नुकसान और बढ़ सकता है। यह केवल अनाज खराब होने का मामला नहीं है। इसमें सरकारी धन, किसानों की मेहनत और सार्वजनिक संसाधनों के इस्तेमाल पर भी सवाल उठते हैं। आखिर जिस अनाज को सुरक्षित रखने के लिए सरकारी एजेंसियां जिम्मेदार थीं, उसकी निगरानी में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?
    धान की खरीदी में मार्कफेड, भंडारण में मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन और आपूर्ति की प्रक्रिया में मध्यप्रदेश सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन की भूमिका बताई गई है। अलग-अलग एजेंसियों की जिम्मेदारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि समय पर अनाज का उठाव सुनिश्चित करने की जवाबदेही किसकी थी। जब हर साल जिले में लाखों मीट्रिक टन अनाज खरीदा जाता है, तो भंडारण और निकासी की योजना पहले से क्यों नहीं बनाई जाती? यदि अनाज खराब होने की आशंका थी, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और अब नीलामी से होने वाली वसूली क्या इस बर्बादी की भरपाई कर पाएगी?

    अधिकारियों ने भी माना, ओपन कैप में खराब होने का खतरा
    मध्यप्रदेश सिविल सप्लाई कॉरपोरेशन की जिला प्रभारी एवं डिप्टी कलेक्टर नीता कोरी के अनुसार, पुराने धान की नीलामी गोदामों में जगह खाली करने के उद्देश्य से की जा रही है, क्योंकि नई खरीदी जल्द शुरू होनी है। वहीं, मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन के जिला प्रबंधक सखाराम निमोदा ने कहा कि गोदामों में लंबे समय तक रखे धान में अपेक्षाकृत कम खराबी आती है, जबकि ओपन कैप में अनाज के नष्ट होने की आशंका अधिक रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित ओपन कैप में रखा धान पांच साल पहले खरीदा गया था और उसका समय पर उठाव जरूरी था।

    पहले भी खराब हो चुका है सरकारी अनाज
    जिले में अनाज खराब होने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, बीजापुरी क्षेत्र के ओपन कैप में वर्ष 2019 में खरीदा गया करीब 500 क्विंटल गेहूं खराब हो गया था। वहीं, वर्ष 2018-19 और 2018-20 के दौरान भंडारित गेहूं में कीट लगने की शिकायतें भी सामने आई थीं। बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आना भंडारण व्यवस्था की निगरानी और समय पर निकासी की जरूरत को रेखांकित करता है। यदि पिछली घटनाओं से सबक लेकर ठोस व्यवस्था बनाई गई होती, तो पुराने अनाज के इस तरह खराब होने की नौबत शायद नहीं आती।

    Share:

  • पाटन में वृक्षारोपण के साथ विकास कार्यों की सौगात

    Thu Oct 22 , 2026
    मंत्री प्रहलाद पटेल ने किया लोकार्पण, जनसंवाद में सुनीं नागरिकों की समस्याएं पाटन। नगर में वृहद वृक्षारोपण, जनसंवाद और विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम विभाग के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के मुख्य आतिथ्य और नगर परिषद अध्यक्ष आचार्य जगेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved