
इंदौर। इंदौर शहर में अपराध पर प्रभावी रोकथाम और पुलिसिंग में दक्षता लाने के लिए पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने अब ग्रेडिंग सिस्टम लागू किया है। इंदौर के सभी चार पुलिस जोन के 32 थानों को इस नई व्यवस्था के तहत हर महीने अंक दिए जाएंगे जो थाना रैंकिंग में नंबर वन आएगा उसे पुरस्कार मिलेगा वही जिस थाने का परफॉर्मेंस सबसे खराब होगा वहां के थाना प्रभारी सहित अधिकतर स्टाफ को 10 दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी।
इसका उद्देश्य पुलिस बल को प्रेरित करना और जनता के बीच भरोसा बढ़ाना है, लेकिन दूसरी ओर, जो थाने लगातार लापरवाही दिखाएंगे और रैंकिंग में सबसे नीचे पाए जाएंगे, उनके लिए सख्त कार्रवाई का रोडमैप तैयार किया गया है। सबसे कम अंक पाने वाले थाना प्रभारी और प्रमुख अधिकारियों को दस दिनों की विशेष ट्रेनिंग पर भेजा जाएगा, जिसमें उन्हें आधुनिक पुलिसिंग, अपराध विश्लेषण और केस प्रबंधन की उन्नत तकनीकें सिखाई जाएंगी। यदि इसके बाद भी थाने की कार्यशैली में सुधार नहीं होता है, तो कमिश्नरेट ने साफ कर दिया है कि संबंधित थाना प्रभारी को सस्पेंड तक किया जा सकता है। शहर में कानून-व्यवस्था मजबूत रखने और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है। ग्रेडिंग सिस्टम के लागू होने के बाद अब थानों में न केवल प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, बल्कि जनता को भी तेज, प्रभावी और जवाबदेह पुलिस सेवा मिलने की उम्मीद है।
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