नई दिल्ली। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर संसद में बहस के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का रुख किसानों के मुद्दे पर दोहरा रहा है और आंकड़ों के जरिए पूर्व सरकारों को घेरने की कोशिश की।
MSP को लेकर कांग्रेस पर निशाना
लोकसभा में कृषि मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में चौहान ने कहा कि कांग्रेस नीत सरकार ने लागत पर 50% जोड़कर MSP देने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया था।
नेहरू के भाषणों का हवाला
चौहान ने जवाहरलाल नेहरू के स्वतंत्रता दिवस संबोधनों का जिक्र करते हुए कहा कि 1947 से 1963 के बीच लाल किले से दिए गए भाषणों में नेहरू ने “किसान” शब्द का सीमित उपयोग किया।
17 वर्षों में कुल 6 बार ही “किसान” का उल्लेख किया गया
कई वर्षों में एक बार भी जिक्र नहीं हुआ
वहीं उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी ने अपने भाषणों में अब तक 200 से अधिक बार किसानों का उल्लेख किया है।
सोशल मीडिया पर भी साझा किए आंकड़े
चौहान ने अपने भाषण का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए वर्षवार आंकड़े भी जारी किए।
उनके अनुसार, 1948, 1949, 1957, 1959 और 1962 में ही “किसान” का उल्लेख हुआ। कई वर्षों में यह शब्द पूरी तरह अनुपस्थित रहा।
सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस तीन प्रमुख बिंदुओं पर है।
खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना
किसानों की आय बढ़ाना
देश को पोषक आहार उपलब्ध कराना
उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने कृषि और बागवानी उत्पादन में रिकॉर्ड बनाया है और चावल उत्पादन में चीन को पीछे छोड़ दिया है।
MSP और किसानों के मुद्दे पर संसद में जारी यह सियासी टकराव आने वाले समय में और तेज हो सकता है, जहां आंकड़ों और नीतियों के जरिए पक्ष-विपक्ष एक-दूसरे को घेरने में जुटे हैं।
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