
डेस्क: स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ की पत्नी बेगोना गोमेज को पासपोर्ट जमा कराने के आदेश जारी किये हैं. कोर्ट ने हर दो हफ्ते में अदालत में हाजिरी लगाने का भी निर्देश दिया है. कोर्ट ने भ्रष्टाचार और प्रभाव के दुरुपयोग के आरोपों में मुकदमे का सामना करने का आदेश दिया है.
जांच कर रहे जज का कहना है कि गोमेज के देश छोड़कर जाने की आशंका जताई गई है. इसलिए पासपोर्ट जमा करने की शर्तें लगाई गई हैं. हालांकि मुकदमे की तारीख अभी तय नहीं हुई है. गोमेज पर आरोप है कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके कुछ टेक्नोलॉजी कंपनियों को सरकारी ठेके दिलाने में मदद की.
उन पर पब्लिक फंड के गलत इस्तेमाल और यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर रहते हुए सॉफ्टवेयर के गलत इस्तेमाल के आरोप भी हैं. गोमेज ने सभी आरोपों को खारिज किया है. वहीं प्रधानमंत्री सांचेज का कहना है कि यह मामला उनकी सरकार को बदनाम करने और सत्ता से हटाने के लिए राजनीतिक विरोधियों की और से चलाया जा रहा अभियान है.
इस मामले में एक कारोबारी और गोमेज के लिए काम करने वाले एक सलाहकार पर भी मुकदमा चलाया जाएगा. अदालत के फैसले के बाद स्पेन में राजनीतिक विवाद और बढ़ गया है. विपक्षी दल सरकार से इस्तीफे और जल्द चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं. सत्तारूढ़ सोशलिस्ट पार्टी ने फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि गोमेज निर्दोष हैं. उन्हें पिछले दो सालों से राजनीतिक कारणों से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है.
दूसरी ओर मुख्य विपक्षी दल पीपुल्स पार्टी ने सरकार पर ज्यूडिशरी और मीडिया पर दबाव डालने का आरोप लगाया है. विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा खुद सरकार से पैदा हो रहा है. गोमेज के खिलाफ जांच करीब दो साल पहले ‘क्लीन हैंड्स’ नाम के समूह की शिकायत के बाद शुरू हुई थी. मामला अभी अदालत में है और अंतिम फैसला आना बाकी है.
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