
जबलपुर। संस्कारधानी की गौर नदी के गौरव को वापस लौटाने के लिए नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, कैंट विधायक अशोक ईश्वरदास रोहाणी, निगमाध्यक्ष रिंकू विज और निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने गत दिवस प्रशासनिक अमले के साथ गौर नदी के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने गौरईया घाट की ऐतिहासिक महत्ता पर चर्चा की। यहाँ विकास के तीन अलग-अलग कालखंडों के पुल मौजूद हैं।
गोंडवाना काल में वीरांगना रानी दुर्गावती के समय का प्राचीन पुल। ब्रिटिश काल में अंग्रेजों के शासनकाल में निर्मित पुल एवं आधुनिक काल में 80 के दशक में सरकार द्वारा बनाया गया वर्तमान पुल जो आकर्षण का केन्द्र है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने एक ऐसे स्थान की पहचान की है, जिसे ÓडेमÓ का स्वरूप दिया जा सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में जल स्तर को बढ़ाना, नदी के प्रवाह को व्यवस्थित कर जल संरक्षण करना, गर्मी के दिनों में जल संकट को दूर करना है।
ग्रामीणों को मिला आश्वासन
महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने स्थानीय ग्रामवासियों से मुलाकात की और उन्हें विश्वास दिलाया कि आने वाले समय में गौर नदी का पूरी तरह से जीर्णोद्धार किया जाएगा। योजना के तहत नदी की सफाई, घाटों का सौंदर्यीकरण और वृक्षारोपण जैसे कार्य किए जाएंगे ताकि इस क्षेत्र को एक पर्यटन और पर्यावरण अनुकूल स्थल के रूप में विकसित किया जा सके। विधायक अशोक रोहाणी ने केंट विधानसभा के विकास कार्यों में गौर नदी के संरक्षण को प्राथमिकता दी है। निगमायुक्त ने अधिकारियों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
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