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यूपीएससी के 100 वर्ष पूरे होने पर डाक टिकट और सिक्का जारी किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने

October 01, 2026


नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने यूपीएससी के 100 वर्ष पूरे होने पर (On completion of 100 years of UPSC) डाक टिकट और सिक्का जारी किया (Released Postage Stamp and Coin) ।


  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के शताब्दी समारोह में हिस्सा लिया। इस मौके पर पीएम मोदी ने यूपीएससी के 100 वर्ष पूरे होने पर एक विशेष स्मारक डाक टिकट, सिक्का और एक विशेष पुस्तक जारी की। संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार का जिक्र किया। पीएम ने कहा, “कल एक घटना घटी और भारत के कैप्टन स्मित ने जिस प्रकार से धैर्य, सूझबूझ और साहस का परिचय दिया और जैसे आज इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि इस हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचा लिया। हर देशवासी को स्मित का ये पराक्रम गौरव से भर देता है।” पीएम मोदी ने आगे कहा, “आज मेरी उनके पिता भूपेंद्र भाई, उनकी माता गीता बहन और पत्नी सोनल से भी बातचीत हुई। आज पूरी दुनिया उन पर गर्व कर रही है। मैं देशवासियों से प्रार्थना करता हूं कि हम सब स्मित के उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करें और भारत का गौरव बढ़ाने वाले स्मित का अभिनंदन करें।”

    उन्होंने कहा, “यूपीएससी की 100 वर्ष की इस यात्रा में पीढियां बदलीं, सरकारें बदलीं, टेक्नोलॉजी बदली, सिलेबस बदले लेकिन यूपीएससी पर भरोसा आज भी उतना ही अटूट है। ये आप सभी की बहुत बड़ी पूंजी है। 100 वर्षों की इस यात्रा पर अभी यहां स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया गया। मैं 100 वर्ष की इस यात्रा से जुड़े सभी महानुभावों का वंदन करता हूं, आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। पीएम मोदी ने कहा, “आज का ये दिन, यूपीएससी के 100 वर्षों के उत्सव के साथ ही विरासत का भी उत्सव है। ये उत्सव उस आकांक्षा का है, जिसे हर वर्ष लाखों-लाख युवा जीते हैं। ये उत्सव उस विश्वास का है, जो हर भारतवासी का इस संस्था पर है। यूपीएससी के 100 साल के सफर को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह संस्था देश को ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी देने में अहम भूमिका निभा रही है। जारी किया गया स्मारक सिक्का और डाक टिकट यूपीएससी की इस ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक हैं।

    बता दें कि भारत के पहले लोक सेवा आयोग की स्थापना 1 अक्टूबर 1926 को सर रॉस बार्कर के नेतृत्व में 1924 की ली कमीशन की सिफारिशों के बाद हुई थी। पहले इसे लोक सेवा आयोग के नाम से जाना जाता था, जिसे अब संघ लोक सेवा आयोग के नाम से जाना जाता है। यह कार्यक्रम दो दिवसीय है। इस कार्यक्रम में देशभर के राज्य लोक सेवा आयोगों के अध्यक्ष और सदस्य शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद और यूपीएससी के अधिकारी भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं।

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