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रेडियो कॉलर लगा नर चीता घायल, हमले की आशंका; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

October 26, 2026

भोपाल। मध्य प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। श्योपुर के जंगल में रेडियो कॉलर लगा एक नर चीता घायल अवस्था में मिला है। उसे रेस्क्यू कर कूनो नेशनल पार्क के चिकित्सा केंद्र में पहुंचाया गया है। वन विभाग ने मामले की जांच के लिए विशेष टीमें भेजी हैं। वहीं, वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने चीते के घायल होने के पीछे शिकारियों का हाथ होने की आशंका जताते हुए कूनो प्रबंधन और वन विभाग की जवाबदेही तय करने की मांग की है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, घायल चीते की जानकारी मिलने के बाद रेस्क्यू किया। चीते की चोट का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। उसकी स्थिति और चोटों का पता लगाने के लिए एक्स-रे सहित अन्य चिकित्सकीय जांच की जा रही हैं।


  • वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने दावा किया कि वह लंबे समय से कूनो और आसपास के इलाकों में रेडियो कॉलर लगे तेंदुओं के शिकार को लेकर चिंता जताते रहे हैं। उनका कहना है कि इस खतरे को गंभीरता से लेते हुए समय पर कार्रवाई की जानी चाहिए थी। अब रेडियो कॉलर लगे चीते के घायल मिलने के बाद उन्होंने अपनी आशंकाओं का हवाला देते हुए वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। दुबे ने कूनो के फील्ड डायरेक्टर और चीता प्रोजेक्ट के प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है।

    कूनो और चंबल क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर पहले भी गंभीर सवाल उठ चुके हैं। अगस्त 2026 में मध्य प्रदेश में 10 तेंदुओं के कथित शिकार से जुड़े मामले में वन विभाग की जांच के दौरान तेंदुओं की खालें जब्त की गई थीं। अधिकारियों ने खालों के निशानों का मिलान भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के डेटाबेस से कराने की योजना बनाई थी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मारे गए तेंदुओं में रेडियो कॉलर वाले तेंदुए भी शामिल थे या नहीं। इस मामले में कई संदिग्धों की गिरफ्तारी भी हुई थी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हुआ था कि जब्त खालों में रेडियो कॉलर वाले तेंदुओं के अवशेष शामिल थे या नहीं।

    चीते के घायल मिलने के बाद विशेष जांच दलों के साथ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को भी जांच में लगाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, चोट का कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं। वास्तविक कारण चिकित्सकीय जांच और जांच दल की पड़ताल के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल, चीते की चोट का कारण और घटना की जांच की जा रही हैं।

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