
बाड़मेर. राजस्थान (Rajasthan) में बाड़मेर (Barmer) के काउखेड़ा गांव में एक किसान ( farmers) के खेत में क्रूड ऑयल (Crude oil) निकलने से सनसनी फैल गई. पिछले करीब 40 घंटों से लगातार खेत में से क्रूड ऑयल निकल रहा है. यहां केयर्न-वेदांता का ऐश्वर्या वेलपैड ऑयल फील्ड भी नजदीक है. इस घटना के बाद ऑयल फील्ड के कर्मचारी गढ्ढा खोदकर और देशी जुगाड़ के जरिए क्रूड ऑयल टैंकर में भरकर ले जा रहे हैं.
कंपनी के लोगों का कहना है कि आखिर क्रूड ऑयल कहां से लीकेज हो रहा है. इसकी पड़ताल की जा रही है. जल्द ही इसका सॉल्यूशन निकाल लिया जाएगा. दूसरी तरफ खेत मालिक और किसानों का कहना है कि ऑयल फील्ड के आसपास कहीं ज्वलनशील गैस तो कहीं ट्यूबवेल में भी पानी के साथ क्रूड ऑयल निकल रहा है. इससे स्थानीय लोग मजबूरन क्रूड ऑयल मिश्रित पानी पीने को मजबूर हैं.
कंपनी के लोग रात में क्रूड ऑयल का प्रेशर बनाने के लिए ब्लास्ट करते हैं. इससे आसपास के इलाके में लोगों के घरों में दरारें आ रही हैं. गांव के कई घरों को इससे नुकसान पहुंच रहा है.
खेत मालिक हरजीराम का कहना है कि 3 दिन से यही हाल है. लगातार उसके खेत से क्रूड ऑयल निकल रहा है. कंपनी के लोगों को भी नहीं पता कि आखिर से क्रूड ऑयल कहां से लीकेज है. कंपनी के कर्मचारी कह रहे हैं कि पड़ताल कर रहे हैं, लेकिन इस तरह से खेत से क्रूड ऑयल निकलता रहा तो खेत की जमीन बंजर हो जाएगी.
हरजीराम ने बताया कि जो भी जमीन थी, वो कंपनी को दे चुके हैं. थोड़ी बहुत खेती के लिए बचाकर रखी थी. पिछले साल इसी जमीन से 50 बोरी बाजरा हुआ था. अब जिस तरह से खेत की जमीन से क्रूड ऑयल निकल रहा है तो अगली बार इस जमीन से कुछ उगने वाला नहीं है. ब्लास्ट के कारण पानी के टांकों में भी दरारें आ गई हैं.
‘ब्लास्ट से कंपन ऐसा, मानों भूकंप आया हो’
इसके अलावा क्रूड ऑयल घर में बने टांकों में मिश्रित हो रहा है. हरजीराम ने बताया कि आए दिन धमाकों के कारण मकान जर्जर हो रहे हैं. 50 की उम्र तक मैं 3 मकान बना चुका हूं. ऐसे मकानों में दरारें आएंगी तो कोई कैसे रह पाएगा. रात में ब्लास्ट के कारण कंपन इतना तेज होता है, जैसे कि कोई भूकंप आया हो. लोग घरों में सोने से भी अब डरने लगे हैं.
पूरे मामले को लेकर कंपनी के अफसरों ने क्या कहा?
घटनाक्रम को लेकर कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि 23 फरवरी 2026 को ऐश्वर्या वेलपैड-8 के पास तरल पदार्थ का रिसाव हुआ है, जो सीमित क्षेत्र तक ही था. लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल कदम उठाए गए हैं. हमारी टेक्निकल एवं ऑपरेशनल टीमें रिसाव के कारणों की जांच करने के साथ प्रभावित स्थल से तरल पदार्थ की निकासी की प्रक्रिया शुरू कर चुकी हैं.
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