
नई दिल्ली ।‘रामायण’ (Ramayana) के दूसरे भाग में भारतीय महाकाव्य (Indian Epic) के कई ऐसे प्रसंग बड़े पर्दे पर देखने को मिल सकते हैं, जिनका दर्शकों को लंबे समय से इंतजार है। राम (Lord Rama) और हनुमान (Lord Hanuman) की पहली मुलाकात, हनुमान का लंका पहुंचना, सोने की लंका का दहन, रामसेतु का निर्माण और राम-रावण के बीच निर्णायक युद्ध कहानी के प्रमुख आकर्षण होंगे। फिल्म के इन दृश्यों को भव्य रूप देने के लिए बड़े स्तर पर विजुअल इफेक्ट्स (Visual Effects) यानी VFX पर काम किया जा रहा है। हालांकि, इन प्रसंगों को पर्दे पर देखने के लिए दर्शकों को अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। फिल्म का दूसरा भाग अब दिवाली 2028 पर रिलीज करने की योजना है।
दूसरे भाग की कहानी में हनुमान की भूमिका अहम रहने वाली है। राम और हनुमान की मुलाकात के बाद कथा उस मोड़ पर पहुंचती है, जहां सीता को रावण की कैद से मुक्त कराने के लिए लंका तक पहुंचने की तैयारी होती है। हनुमान के लंका पहुंचने और वहां रावण के साथ टकराव का प्रसंग भी फिल्म में महत्वपूर्ण स्थान रख सकता है। कथा के अनुसार, रावण के आदेश पर हनुमान की पूंछ में आग लगा दी जाती है। इसके बाद हनुमान उसी आग की मदद से लंका में व्यापक हलचल मचा देते हैं और सोने की नगरी को आग के हवाले कर देते हैं। यह दृश्य फिल्म के बड़े एक्शन दृश्यों में शामिल हो सकता है।
लंका दहन के साथ रामसेतु निर्माण का प्रसंग भी दूसरे भाग का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। सीता को वापस लाने के लिए राम की सेना को समुद्र पार करके लंका पहुंचना है। इसके लिए वानर सेना की सहायता से समुद्र पर रामसेतु बनाया जाता है। सेतु निर्माण, उसमें जुटे वानर योद्धाओं और विशाल सेना के लंका की ओर बढ़ने के दृश्य फिल्म के पैमाने को काफी बड़ा बना सकते हैं। समुद्र के बीच पुल का निर्माण और उसके बाद सेना का आगे बढ़ना ऐसे प्रसंग हैं, जिन्हें प्रभावशाली तरीके से दिखाने के लिए तकनीकी स्तर पर व्यापक तैयारी की आवश्यकता होगी।
लंका पहुंचने के बाद कहानी युद्ध के निर्णायक चरण में प्रवेश करेगी। राम और रावण के बीच अंतिम संघर्ष से पहले मेघनाद और कुंभकर्ण जैसे शक्तिशाली योद्धाओं की भूमिका भी अहम होगी। फिल्म में मेघनाद का किरदार राघव जुयाल और कुंभकर्ण का किरदार फैसल मलिक निभा रहे हैं। युद्ध के दौरान लक्ष्मण और मेघनाद का मुकाबला तथा कुंभकर्ण का रणभूमि में उतरना कहानी के महत्वपूर्ण पड़ाव होंगे। इसके बाद राम और रावण के बीच निर्णायक युद्ध कथा को उसके अंतिम चरण तक पहुंचाएगा। इन दृश्यों में बड़े युद्ध के साथ अलग-अलग किरदारों के बीच संघर्ष भी देखने को मिलेगा।
फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने इसके VFX को लेकर बड़ा दावा किया है। उनके मुताबिक, उनकी कंपनी DNEG फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स पर ऐसे स्तर का काम कर रही है, जैसा उसने पहले कभी नहीं किया। फिल्म में VFX का पैमाना, दृश्यों की जटिलता और कई तरह के इफेक्ट्स को एक साथ प्रस्तुत करना टीम के लिए नई चुनौती है। इसके लिए नई तकनीकों और तरीकों पर भी काम किया जा रहा है। लंका, किष्किंधा, विशाल सेनाओं और युद्ध के दृश्यों को प्रभावशाली बनाने में इन तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
दूसरे भाग की रिलीज तारीख में भी बदलाव हुआ है। पहले इसे 2027 में रिलीज करने की योजना थी, लेकिन अब इसे दिवाली 2028 के लिए निर्धारित किया गया है। नमित मल्होत्रा के अनुसार, फिल्म के अंतिम हिस्से को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए टीम को अतिरिक्त समय चाहिए। निर्माता जल्दबाजी में काम पूरा करने के बजाय इसके भव्य समापन को बेहतर तरीके से पर्दे पर उतारना चाहते हैं।
शुरुआत में ‘रामायण’ को तीन भागों में बनाने की योजना थी, लेकिन बाद में कहानी को दो हिस्सों में प्रस्तुत करने का फैसला किया गया। हालांकि, तीसरे भाग की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। पहले भाग को दुनियाभर के दर्शकों से मिलने वाली प्रतिक्रिया के बाद निर्माता इस दिशा में दोबारा विचार कर सकते हैं। फिलहाल फिल्म दो भागों में ही बनाई जा रही है और दूसरे भाग के लिए दर्शकों को 2028 की दिवाली तक इंतजार करना होगा।
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