जीवनशैली

पहली बार निवेश करने वालों के लिए महत्वपूर्ण सबक़ याद रखे

बैंकबाज़ार डॉट कॉम के सीईओ का कहना है कि फर्स्ट-टाइम इन्वेस्टर्स के समय मन में कई तरह के सवाल उत्पन्न होते है। जैसे, कहां इन्वेस्ट (Investment) करें, कितना इन्वेस्ट करें, कितने लाभ की उम्मीद करनी चाहिए। लेकिन, आपकी इन्वेस्टमेंट की यात्रा शुरू करने से पहले ज्यादा-से-ज्यादा संदेहों को दूर करना बहुत जरूरी है। यहां महत्वपूर्ण उपाय बताए गए हैं जो पहली बार इन्वेस्ट करने से पहले कर लेने चाहिए।

पहले खुद को प्रशिक्षित करें : इन्वेस्टमेंट (Investment) शुरू करने से पहले खुद को प्रशिक्षित कर लेना बहुत जरूरी है। आपको अपने इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए और उनसे जुड़े रिस्क, उनकी रिटर्न-जनरेटिंग क्षमता, उनके लॉक-इन, संबंधित चार्ज, इत्यादि के बारे में भी समझ लेना चाहिए। डायरेक्ट इक्विटी या कमोडिटी जैसे अधिक जटिल इन्वेस्टमेंट्स को समझने के लिए, आप ऑनलाइन कोर्स कर सकते हैं।

अपने फाइनेंशियल लक्ष्यों के अनुसार इन्वेस्ट करने का लक्ष्य रखें : आप एक हाई-एंड लैपटॉप खरीदने के लिए एक साल में एक लाख रुपये, एक कार खरीदने के लिए 3 साल में 4 लाख रुपये, अपने पहले घर के डाउन पेमेंट के लिए 5 साल में 25 लाख रुपये जमा करने का लक्ष्य रख सकते हैं। अपने फाइनेंशियल लक्ष्यों की मदद से आपको अपने इन्वेस्टमेंट अमाउंट, इन्वेस्टमेंट टेन्योर, इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स, रिस्क सहनशीलता, लिक्विडिटी जरूरत, इत्यादि के बारे में पता चल जाएगा।

अपनी जोखिम लेने की क्षमता को जानें : अपने इन्वेस्टमेंट में नुकसान देखकर डर जाना नए इन्वेस्टमेंट्स के लिए आम बात है। इन्वेस्टमेंट शुरू करने से पहले अपनी जोखिम लेने की क्षमता को समझ लें। यदि आपकी जोखिम लेने की क्षमता कम है तो आपको डायरेक्ट इक्विटी या उनसे जुड़े प्रोडक्ट्स जैसे स्मॉल-कैप इक्विटी फंड्स जैसे रिस्क इन्वेस्टमेंट ऑप्शंस में ज्यादा इन्वेस्ट नहीं करना चाहिए और रेकरिंग डिपोजिट और डेब्ट इन्वेस्टमेंट जैसे कम-रिस्की ऑप्शन में इन्वेस्ट करना चाहिए।

धीरे-धीरे शुरुआत करें : पहली बार इन्वेस्टमेंट (Investent) शुरू करते समय जल्दबाजी न करें। आपके इन्वेस्टमेंट्स, आपके फाइनेंशियल लक्ष्यों से जुड़े होने चाहिए। आपको धीरे-धीरे शुरुआत करनी चाहिए और धीरे-धीरे अपना इन्वेस्टमेंट बढ़ाना चाहिए ताकि आपका इन्वेस्टमेंट समय पर आपके लक्ष्यों को पूरा करने में मदद कर सके।

अपने इन्वेस्टमेंट्स को डाइवर्सिफाई करें : प्रत्येक इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट का एक ख़ास मकसद होता है जिससे आपके फाइनेंशियल लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिल सकती है। अपना सारा पैसा, एक ही इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट में न डालें, जो आपको शुरुआत में उत्साहित कर सकता है। अपने इन्वेस्टमेंट्स को अलग-अलग एसेट क्लास और रिस्क वाले और अलग-अलग रिटर्न दे सकने वाले अलग-अलग प्रकार के इंस्ट्रूमेंट्स में डाइवर्सिफाई करें। आपका टोटल इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो रिस्क, कंट्रोल में रहेगा और एक जैसा और आकर्षक रिटर्न दे सकेगा जिससे आपको अपने फाइनेंशियल लक्ष्यों को समय पर पूरा करने में मदद मिल सकती है।

सिर्फ टैक्स बचाने के लिए इन्वेस्ट न करें : टैक्स बचाने (Tax Saving) के मकसद से इन्वेस्ट करना बहुत जरूरी है लेकिन सिर्फ टैक्स बचाने के मकसद से इन्वेस्ट न करें। बल्कि समझदारी के साथ टैक्स-सेविंग डिडक्शन का लाभ उठाने के साथ-साथ अपने फाइनेंशियल लक्ष्यों को पूरा करने के लिए इन्वेस्ट करने का लक्ष्य रखें, क्योंकि सिर्फ टैक्स बचाने के लिए इन्वेस्टमेंट करने से अनुचित रिटर्न मिल सकता है या लंबे लॉक-इन का सामना करना पड़ सकता है जिससे आपके फाइनेंशियल लक्ष्यों को समय पर पूरा करने में बाधा उत्पन्न हो सकती है।

इन्वेस्ट करने के लिए उधार न लें : हमेशा अपनी कमाई के पैसे को, और अपनी फाइनेंशियल देनदारियों (Financial liabilities) को पूरा करने के बाद बचे पैसे को, इन्वेस्ट करें। इन्वेस्ट करने के लिए पैसे उधार (Borrowing for Investment) न लें क्योंकि इन्वेस्टमेंट में नुकसान होने पर, आप कर्ज के जाल में फंस सकते हैं।

जल्दी शुरुआत करें और रेगुलरली इन्वेस्ट करें : इन्वेस्टमेंट जल्द-से-जल्द इन्वेस्टमेंट शुरू करके रेगुलरली एक छोटा अमाउंट इन्वेस्ट करने पर, बाद में एक बड़े अमाउंट से शुरुआत करने की तुलना में ज्यादा फायदा हो सकता है। जल्दी इन्वेस्टमेंट शुरू करने पर आपके इन्वेस्टमेंट अमाउंट को कम्पाउंडिंग बेनिफिट की मदद से बढ़ने के लिए ज्यादा समय मिलेगा। जल्दी शुरुआत करने पर और रेगुलरली इन्वेस्ट करने पर, अपने जीवन में बाद में बड़े इन्वेस्टमेंट की आवश्यकता के बिना एक बड़ा अमाउंट तैयार करने में मदद मिल सकती है।

अपने इन्वेस्टमेंट्स पर रेगुलरली नजर डालें : आपके इन्वेस्टमेंट्स, आपके फाइनेंशियल उद्देश्यों से मेल नहीं खा रहे हैं, या वे आपकी उम्मीद के अनुसार रिटर्न नहीं दे रहे हैं। अपने इन्वेस्टमेंट्स पर रेगुलरली नजर डालने से आपको इस तरह के बेमेल को पहचानने और अपने फाइनेंशियल उद्देश्यों के अनुसार उनमें परिवर्तन करने में मदद मिल सकती है।

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