
डेस्क: एपल ने 110 देशों में आईफोन यूजर्स को एक गंभीर जासूसी खतरे को लेकर अलर्ट भेजा है. कंपनी को आशंका है कि इन यूजर्स को बेहद खतरनाक मर्केनरी स्पाइवेयर के जरिए निशाना बनाया गया है. यह आम साइबर क्राइम से कहीं ज्यादा एडवांस माना जाता है और इसे चलाने में लाखों डॉलर तक खर्च हो सकते हैं. एपल ने ऐसे यूजर्स को डिवाइस की सुरक्षा बढ़ाने और कंपनी की ओर से बताए गए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी है.
एपल के मुताबिक, मर्केनरी स्पाइवेयर बेहद एडवांस साइबर खतरा है, जिसमें हमलावर किसी खास व्यक्ति या समूह को निशाना बनाने के लिए भारी संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे हमले आम साइबर क्राइम की तुलना में काफी महंगे और जटिल होते हैं. कंपनी के अनुसार, इस तरह के ऑपरेशन को अंजाम देने में लाखों डॉलर खर्च हो सकते हैं और इन्हें कम समय के लिए चलाया जाता है, जिससे इन्हें पकड़ना काफी मुश्किल हो जाता है. एपल ने ऐसे खतरों को मौजूदा समय के सबसे गंभीर डिजिटल खतरों में शामिल किया है.
एपल ने साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स, पत्रकारों और सार्वजनिक रिपोर्टों का हवाला देते हुए बताया कि इस तरह के हमलों का संबंध स्टेट एक्टर्स और निजी कंपनियों से हो सकता है. इन हमलों में आमतौर पर हाई-प्रोफाइल लोगों को निशाना बनाए जाने की आशंका रहती है. इनमें पत्रकार, राजनेता, एक्टिविस्ट और राजनयिक जैसे लोग शामिल हो सकते हैं. एपल के थ्रेट नोटिफिकेशन का मकसद ऐसे यूजर्स को समय रहते सतर्क करना है, जिनके डिवाइस को व्यक्तिगत तौर पर स्पाइवेयर हमले का निशाना बनाए जाने की आशंका है.
अगर किसी यूजर को एपल की तरफ से थ्रेट नोटिफिकेशन मिलता है, तो कंपनी ने डिवाइस में लॉकडाउन मोड चालू करने और दिए गए सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है. एपल ने जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ संगठनों से मदद लेने को भी कहा है, जैसे गैर-लाभकारी संस्था एक्सेस नाउ की डिजिटल सिक्योरिटी हेल्पलाइन. इसके अलावा डिवाइस को लेटेस्ट सॉफ्टवेयर से अपडेट रखना, पासकोड, टच आईडी या फेस आईडी का इस्तेमाल करना और एपल अकाउंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखना जरूरी है. अतिरिक्त सुरक्षा के लिए स्टोलन डिवाइस प्रोटेक्शन भी सक्षम करने की सलाह दी गई है.
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