
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) की दुनिया तेजी से बदल रही है और भारत भी इस बदलाव का हिस्सा बनने के लिए अपनी तैयारी तेज कर रहा है। देश में एआई की क्षमता बढ़ाने के लिए केवल नए मॉडल विकसित करने पर ही जोर नहीं है, बल्कि इसके लिए जरूरी कंप्यूटिंग क्षमता,(Computing Capacity) सेमीकंडक्टर चिप्स,(Semiconductor Chips ) डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर(Data Infrastructure) और तकनीकी कौशल को मजबूत करने पर भी काम किया जा रहा है। (IndiaAI Mission) के जरिए एआई के लिए जरूरी संसाधनों को विकसित करने, स्टार्टअप (Startup) और शोधकर्ताओं को सहयोग देने तथा भारत-केंद्रित एआई समाधानों को बढ़ावा देने की दिशा में काम हो रहा है। इस मिशन के तहत देश में एआई के लिए साझा कंप्यूटिंग सुविधा विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
एआई की क्षमता बढ़ाने में सेमीकंडक्टर चिप्स की भूमिका अहम है। भारत में चिप निर्माण और उससे जुड़े पूरे इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए सेमीकंडक्टर कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत सेमीकंडक्टर फैब, पैकेजिंग और भारतीय डिजाइन वाले चिप्स को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। कार्यक्रम के तहत कई विनिर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें बड़ी मात्रा में निवेश प्रस्तावित है और कुछ परियोजनाओं में व्यावसायिक उत्पादन भी शुरू हो चुका है। इसके साथ सेमीकंडक्टर क्षेत्र के दूसरे चरण को भी आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसमें भारतीय डिजाइन वाले चिप्स, सेमीकंडक्टर फैब और उन्नत पैकेजिंग के विस्तार के साथ सामग्री, गैस और उपकरण जैसे क्षेत्रों से जुड़े व्यापक इकोसिस्टम को मजबूत करने पर जोर है।
IndiaAI Mission के तहत स्वदेशी एआई क्षमताओं को विकसित करने पर भी काम किया जा रहा है। भारतीय फाउंडेशनल एआई मॉडल और Large Language Models तैयार करने के लिए कई टीमों का चयन किया गया है। इन मॉडलों को भारतीय भाषाओं और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ एआई मॉडल, डेवलपमेंट टूल और अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े संसाधनों तक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। मिशन के साझा कंप्यूटिंग कार्यक्रम के तहत स्टार्टअप, शोधकर्ताओं, शिक्षण संस्थानों और सरकारी संगठनों को उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।
भारत की एआई तैयारी में चिप डिजाइन और घरेलू तकनीकी क्षमता बढ़ाने की कोशिश भी शामिल है। सेमीकंडक्टर डिजाइन से जुड़ी घरेलू कंपनियों, स्टार्टअप और एमएसएमई को सुविधाएं और प्रोत्साहन देने के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसके तहत चिप और सिस्टम-ऑन-चिप डिजाइन से जुड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। कई फैबलेस चिप डिजाइन कंपनियों को उन्नत डिजाइन इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच भी दी गई है। कुछ डिजाइन अलग-अलग फैब में निर्माण के लिए भेजे गए हैं और कुछ चिप तैयार भी हो चुके हैं। इसके साथ एआई कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने और हाई-परफॉर्मेंस एआई कंप्यूट सिस्टम स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
भारत की पूरी तैयारी में एआई के साथ सेमीकंडक्टर, कंप्यूटिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को एक साथ मजबूत करने पर जोर है। एआई के लिए जरूरी GPU की उपलब्धता बढ़ाने के साथ देश में तकनीकी क्षमता विकसित करने की कोशिश की जा रही है। IndiaAI Mission और सेमीकंडक्टर कार्यक्रम के जरिए कंप्यूटिंग, चिप निर्माण, चिप डिजाइन, स्वदेशी एआई मॉडल और उनसे जुड़े तकनीकी संसाधनों को आगे बढ़ाने की तैयारी है। इस तरह भारत एआई के लिए जरूरी अलग-अलग तकनीकी क्षेत्रों को एक साथ विकसित करने पर काम कर रहा है।
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