
छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा जिले (Chhindwara District) में एक ऐसा ठगी (Fraud) का मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों पर से भरोसा हिला दिया है। नवेगांव थाना क्षेत्र में ‘लुटेरी दुल्हन’ (‘Robber bride’) गैंग ने शादी (Marriage) का सपना दिखाकर एक विधुर व्यक्ति को भावनात्मक रूप से फंसाया और फिर सुनियोजित तरीके से उसे लूटकर फरार हो गए। यह पूरा घटनाक्रम किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।
ग्राम सिमरिया सागर निवासी मधु विश्वकर्मा की पहली पत्नी का कुछ समय पहले निधन हो चुका था। घर में अकेले रह रहे मधु दोबारा शादी कर जीवन को फिर से संवारना चाहते थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात कोठार निवासी बलराम नागवंशी से हुई, जिसने खुद को मददगार बताते हुए मधु को दूसरी शादी कराने का भरोसा दिलाया। बलराम नागवंशी ने अपने साथी मुकेश यदुवंशी और शिवजी टांडेकर के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई। गिरोह ने संध्या विश्वकर्मा नाम की महिला को मधु के सामने पेश किया और उसे उसकी भावी पत्नी बताया। शादी के नाम पर मधु से 10 हजार रुपये लिए गए और बेहद सादगी से दोनों की शादी करवा दी गई। इसके बाद संध्या को पत्नी बनाकर मधु के घर भेज दिया गया।
संध्या ने पूरे 15 से 20 दिन तक मधु के घर एक आदर्श पत्नी की तरह रहकर सबका भरोसा जीत लिया। वह घर के काम करती, रिश्तेदारों से घुल-मिलकर बात करती और मधु की भावनाओं का पूरा ख्याल रखती थी। मधु को लगा कि उसे आखिरकार एक सच्चा जीवनसाथी मिल गया है। संध्या ने अपने असली प्रेमी को अपना “छोटा भाई” बताकर ससुराल बुलाया। मधु ने भी उसे रिश्तेदार समझकर घर में ठहरने दिया। 10 जनवरी को जब मधु किसी काम से बाहर गया, तब संध्या और उसका प्रेमी मौका देखकर घर से बाइक, चांदी की चेन, मोबाइल फोन, नकदी, घरेलू सामान और यहां तक कि राशन तक समेटकर फरार हो गए।
शाम को जब मधु घर लौटा तो उसे न पत्नी मिली न तथाकथित साला और न ही घर का सामान। अलमारी, संदूक और रसोई सब खाली पड़े थे। तभी मधु को अहसास हुआ कि वह ‘लुटेरी दुल्हन’ का शिकार हो चुका है। इसके बाद वह सीधे नवेगांव थाने पहुंचा और पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी।
थाना प्रभारी तरुण मरकाम के नेतृत्व में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल कॉल डिटेल और मुखबिरों की सूचना के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। कुछ ही समय में पुलिस ने संध्या विश्वकर्मा, बलराम नागवंशी, मुकेश यदुवंशी और शिवजी टांडेकर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पूछताछ में पूरे गिरोह और ठगी की योजना का खुलासा कर दिया। चारों आरोपियों के खिलाफ नई न्याय संहिता की धारा 83, 61(2), 303(2), 318(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। हालांकि, संध्या का प्रेमी अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। यह पूरा मामला सुनियोजित ठगी का है। आरोपियों ने शादी का सहारा लेकर पीड़ित को भावनात्मक रूप से फंसाया और फिर घर का कीमती सामान लेकर फरार हो गए। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, फरार आरोपी की तलाश जारी है।
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