
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने यूपी विधानसभा (UP Assembly Elections) की चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। सपा यूपी में कांग्रेस से गठबंधन (Alliance with Congress) के साथ ही चुनाव लड़ेगी। दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर फार्मूला लगभग तय हो गया। जीत की गारंटी वाली सीटें ही एक-दूसरे के खाते में जाएंगी। कांग्रेस का जनाधार जहां भी मजबूत होगा सपा उसके लिए वो सीट छोड़ेगी। सिर्फ चुनाव लड़ने के लिए टिकट नहीं दिया जाएगा। यह बताना होगा कि पिछले कुछ चुनावों में कितना वोट मिला था व जातीय समीकरण के हिसाब से उम्मीदवारी किती मजबूत है। 200 सीटों पर प्रत्याशियों का नाम भी तय हो गया है।
मैदान में पहले से दिखेगी सपा
सपा ने इस बार चुनाव लड़ने का फार्मूला बदल दिया है। चुनाव की घोषणा से पहले उम्मीदवारी तय कर दी जाएगी, जिससे उसे क्षेत्र में काम करने का पूरा मौका मिले। इससे टिकट बंटवारे को लेकर होने वाले मनमुटाव को भी कम करने का मौका मिलेगा। ऐन वक्त पर टिकट बंटवारे से एक तो उम्मीदवार को तैयारी का मौका कम मिल पाता है और दूसरी चुनाव के दौरान नाराजगी का असर भी दिखाई पड़ता है। इसीलिए सपा यह नहीं चाहती है कि 2027 के चुनाव में किसी तरह का कोई भितरघात हो। जब नाराजगी नहीं रहेगी तो पार्टी के सभी नेता मिलकर तैयारियां करेंगे और चुनाव परिणाम बेहतर होगा।
40 जिलों पर हो चुकी बात
सपा नेतृत्व हर जिले की विधानसभावार सीटों पर चर्चा कर रहा है। सपा मुखिया स्वयं हर बिंदुओं परे ध्यान दे रहे हैं। फीडबैक लेने के लिए जिलाध्यक्ष और नगर कार्यकारिणी के लोगों को इन दिनों बुलाया जा रहा है। करीब 200 सीटों पर संभावित उम्मीदवारों की पहचान का काम हो चुका है। जुलाई के पहले हफ्ते तक उम्मीदवारों की शार्टलिस्टिंग का काम शुरू हो जाएगा। उम्मीदवारों के बारे में खुफिया तरीके से भी पड़ताल कराई जा रही है। इसमें यह पता लगाया जा रहा है कि क्षेत्र में उसकी क्या हैसियत है।
कांग्रेस जहां मजबूत वहीं मिलेगा उसे टिकट
सपा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कितना टिकट देगी इसकी संख्या अभी तय नहीं हुई है, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया गया है कि उसके हिस्से में वही सीटें जाएंगी जहां वह मजबूत होगी। कांग्रेस को इसके लिए सीटवार बताना होगा कि वह कितनी जगह पर मजबूत है। मजबूती का आधार भी उसे बताना होगा। जहां भी कांग्रेस की सीट निकलती हुई दिखाई देगी उसे टिकट देने की योजना है। सपा नेतृत्व का मानना है कि लोकसभा चुनाव में कुछ सीटों पर टिकट बंटवारे को लेकर गड़बड़ी हुई थी, जिससे नुकसान उठाना पड़ा। इसलिए विधानसभा चुनाव में ऐसी गलती न हो इस पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
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