
डेस्क: सरकारी नौकरी लगते ही कई लोग अपनी पोस्ट का गलत फायदा उठाने लगते हैं. सरकार से मिलने वाली सैलरी के अलावा ऊपरी कमाई के लिए लोग रिश्वत लेने से भी बाज नहीं आते. चूंकि सरकारी कामों में काफी टाइम लगता है, ऐसे में लोग भी अपने मामले को जल्दी निपटाने के लिए घूस देने के लिए तैयार हो जाते हैं. ऐसे घूसखोरों की वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. एसीबी ऐसे ही घूसखोरों पर लगाम लगाने के लिए लगातार काम करती रहती है.
मंगलवार को खेतड़ी के एसडीएम को एसीबी की टीम ने दो लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया. एसडीएम को जाल में फंसाने के लिए सारा ट्रैप पहले से तैयार किया गया था. इसके बाद तय तरीके से उसे पैसों के साथ अरेस्ट कर लिया गया. एसडीएम बंधीधर योगी एक जमीन के मामले को निपटाने के लिए रिश्वत ले रहा था. पहले उसने पांच लाख की डिमांड की थी लेकिन बाद में मोल-मोलाई के बाद मामला तीन लाख में फिक्स हुआ. रिश्वत के एक लाख वो पहले ही ले चुका था.
डीजी एसीबी रवि प्रकाश मेहरदा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली के एक बिजनेस मैन ने टीम से संपर्क किया था. व्यापारी ने बताया कि कोर्ट में उसका एक हजार बीघा जमीन को लेकर मामला चल रहा है. इस मामले का फैसला उसके पक्ष में दिलवाने का भरोसा देते हुए एसडीएम योगी ने पहले उससे दो सौ बीघा जमीन उसके नाम करने को कहा. जब इसपर व्यापारी ने मना कर दिया तब उससे पांच लाख, फिर तीन लाख रिश्वत डिमांड की गई.
रिश्वत के एक लाख व्यापारी ने एसडीएम को पहले ही दे दिए थे. लेकिन उसके बाद फरियादी ने एसीबी की टीम से संपर्क किया. जांच करने के बाद मामला सही निकला. एसीबी ने एसडीएम को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया. इसमें योगी दो लाख रुपये और एक बेशकीमती डिनर सेट लेते पकड़ा गया. एडिशनल डीजी एसीबी स्मिता श्रीवास्तव ने अधिक जानकारी देते हुए कहा कि अब योगी से पूछताछ की जा रही है. उसके खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. उसके घर और ऑफिस में भी छापे मारे गए हैं.
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