नई दिल्ली। वेनेजुएला (Venezuela) में 24 जून को आए दो शक्तिशाली भूकंपों (Earthquakes) के बाद राहत एवं बचाव अभियान के बीच एक चमत्कारिक घटना सामने आई है। भूकंप के आठ दिन बाद बचाव दल ने 43 वर्षीय सुरक्षा गार्ड हर्नान अल्बर्टो गिल फ्लोरेस को एक ढही हुई इमारत के मलबे से जीवित बाहर निकाल लिया। अब तक इस आपदा में 2,295 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन हर्नान का सुरक्षित बच जाना राहतकर्मियों और परिजनों के लिए उम्मीद की बड़ी खबर बन गया।
हर्नान अल्बर्टो गिल फ्लोरेस समुद्र तटीय शहर ला गुआइरा स्थित गैलेरियास प्लाया ग्रांडे शॉपिंग सेंटर में नाइट शिफ्ट के दौरान सुरक्षा गार्ड के रूप में ड्यूटी पर थे। भूकंप के झटकों से पूरी इमारत ढह गई, लेकिन उनकी सुरक्षा केबिन पूरी तरह नष्ट नहीं हुई। इसी वजह से उनके आसपास हवा के लिए एक छोटा-सा खाली स्थान बना रहा, जिसने उनकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
राहतकर्मियों ने कई दिनों की खोजबीन के बाद सप्ताहांत में पहली बार हर्नान से संपर्क स्थापित किया। इसके बाद मलबे के बीच बने संकरे रास्ते से उन्हें लगातार पानी और तरल भोजन पहुंचाया जाता रहा। बारिश, आफ्टरशॉक्स और मलबे की अस्थिर स्थिति के बावजूद बचाव दल ने सावधानीपूर्वक सुरंग बनाकर उन्हें बाहर निकाला।
गुरुवार तड़के करीब 100 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जब हर्नान को ऑक्सीजन मास्क लगाकर स्ट्रेचर पर बाहर लाया गया तो मौके पर मौजूद लोगों और विभिन्न देशों से आए राहतकर्मियों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। कई बचावकर्मियों ने इस सफल अभियान को किसी चमत्कार से कम नहीं बताया।
कोस्टा रिका रेड क्रॉस की बचावकर्मी मिन्यार कोलाडो ने बताया कि जब पहली बार हर्नान से बातचीत हुई तो उन्होंने अनुरोध किया था कि उनकी पत्नी को यह न बताया जाए कि वे जीवित हैं। उन्हें आशंका थी कि शायद उन्हें बचाया नहीं जा सकेगा और वे परिवार की उम्मीदें नहीं बढ़ाना चाहते थे। हालांकि बचाव दल ने प्रयास जारी रखे और आखिरकार उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
हर्नान की पत्नी गुस्बिमार गोंजालेज ने कहा कि कई दिनों तक उन्हें लगा कि उनके पति अब जीवित नहीं होंगे। लेकिन जैसे ही यह जानकारी मिली कि राहतकर्मियों ने उनसे संपर्क स्थापित कर लिया है, परिवार में उम्मीद लौट आई। दंपति के दो बच्चे हैं, जिनकी उम्र 8 और 10 वर्ष बताई गई है।
बचाव अभियान में वेनेजुएला के अलावा चिली, कोस्टा रिका, अमेरिका, पुर्तगाल, मैक्सिको और अल सल्वाडोर के विशेषज्ञों ने भी हिस्सा लिया। टेलीस्कोप कैमरों और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से हर्नान की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई और सुरक्षित तरीके से उन्हें बाहर निकालने की रणनीति तैयार की गई।
यह सफल रेस्क्यू ऑपरेशन भीषण प्राकृतिक आपदा के बीच राहतकर्मियों के धैर्य, तकनीकी कौशल और सामूहिक प्रयास का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।
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