
हिंगोली । सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके (CJP founder Abhijit Dipke) ने कहा कि तिरंगा फहराना कब से उल्लंघन हो गया (Since when did hoisting Tricolour become Violation) । मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक हम जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराते रहेंगे ।
जंतर-मंतर से सीजेपी नेताओं की हिरासत के बाद सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि तिरंगा फहराना कब से उल्लंघन हो गया। दिपके ने बताया कि उनकी टीम को आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे लीड कर रहे थे। मंगलवार सुबह उनकी टीम जंतर-मंतर पर गई और वहां जाकर उन्होंने तिरंगा लहराया। उन्होंने कहा, “तिरंगा लहराना कब से वायलेशन हो गया। जो भी यह सोचता है कि जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना वायलेशन है, वह देशद्रोही है।” उन्होंने मांग की कि आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
दिपके ने चेतावनी देते हुए कहा कि जंतर-मंतर देश की प्रॉपर्टी है और वे लोग वहीं पर तब तक तिरंगा लहराते रहेंगे, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते। बता दें कि दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है, जिनमें सीजेपी के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास भी शामिल हैं, वहीं पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 12 अक्टूबर को नई दिल्ली में हुए प्रदर्शन को लेकर कुल 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं। ये एफआईआर बीएनएसएस की धारा 163 के उल्लंघन और अन्य धाराओं में दर्ज की गई हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कनॉट प्लेस इलाके में बीएनएसएस के उल्लंघन पर एफआईआर दर्ज हुई है। इनमें से 2 एफआईआर तिलक मार्ग थाने में, 1 मंदिर मार्ग थाने में और 1 बाराखंभा थाने में दर्ज की गई है।
उधर, हिरासत में लिए गए सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में सौरव दास के साथ आशुतोष रांका भी नजर आ रहे हैं। वीडियो में आशुतोष रांका यह कहते हुए दिख रहे हैं कि “ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा तो जंतर-मंतर पर भी होगा।” वहीं सौरव दास अपने साथ संविधान की प्रति रखे हुए नजर आए। बस में हिरासत में लिए गए लोग ‘भारत माता की जय’ और ‘जय भीम, जय भीम’ के नारे लगाते हुए भी दिखाई दिए।
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