
नई दिल्ली ।हरियाणा सरकार (Haryana Government) के विभिन्न विभागों और संस्थाओं से जुड़े 504 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले (Bank Scam) के मामले में छह आईएएस अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट (Chargesheet) दाखिल की गई है। चार्जशीट में अधिकारियों पर बैंक (Bank) अधिकारियों और अन्य आरोपियों के साथ आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy) रचने, सरकारी धन को निजी बैंकों में स्थानांतरित (Transfer) कराने, बैंक चयन (Bank Selection) और एफडी निवेश से जुड़े नियमों की अनदेखी करने समेत कई आरोप लगाए गए हैं।
चार्जशीट में साकेत कुमार, राम कुमार सिंह, पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन के नाम शामिल हैं। आरोपों के मुताबिक, अधिकारियों ने वित्त विभाग की निर्धारित सीमाओं को दरकिनार किया और सरकारी धन से जुड़े फैसलों में प्रक्रियागत नियमों का पालन नहीं किया। मामले में सबूत छिपाने तथा रिश्वत या अन्य अनुचित लाभ लेने के आरोपों की भी बात कही गई है।
चार्जशीट के अनुसार साकेत कुमार 16 जून 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव रहे। इस दौरान उनके पास हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी था। आरोप है कि एक पूर्व बैंक अधिकारी की सिफारिश पर एचपीजीसीएल पेंशन फंड ट्रस्ट से 25 करोड़ रुपये निकाले गए और उन्हें आईडीएफसी बैंक में जमा कराया गया।
पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त राम कुमार सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। चार्जशीट के मुताबिक, 11 जनवरी 2026 को उनके घर 50 लाख रुपये पहुंचाए गए। इसके बाद 22 जनवरी को दिल्ली में उनके बेटे प्रशांत सिंह को तीन अलग-अलग किश्तों में कुल दो करोड़ रुपये दिए गए। इन किश्तों में एक करोड़, 50 लाख और 50 लाख रुपये शामिल थे।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष विनीत गर्ग के मामले में भी प्रक्रियागत अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। जांच में यह आरोप सामने आया कि दीपावली से पहले उनके घर 50-50 ग्राम के दो सोने के सिक्के पहुंचाए गए। चार्जशीट में इन सिक्कों को एक पूर्व बैंक अधिकारी के माध्यम से पहुंचाए जाने की बात कही गई है।
पंकज अग्रवाल को लेकर भी चार्जशीट में आरोप दर्ज हैं। उनके लिए होटल में नृत्य और पार्टियों के आयोजन का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इन आयोजनों की व्यवस्था भी उसी पूर्व बैंक अधिकारी रिभव ऋषि ने की थी।
एचपीजीसीएल के तत्कालीन प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष मोहम्मद शाइन पर बैंक को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। चार्जशीट के मुताबिक, नवंबर 2024 में इंडसइंड बैंक में जमा करीब 108.46 करोड़ रुपये की एफडी समय से पहले तुड़वाई गई। इसमें से 50 करोड़ रुपये आईडीएफसी बैंक में जमा कराए गए। आरोप है कि इस प्रक्रिया से एचपीजीसीएल को 1.66 करोड़ रुपये के ब्याज का नुकसान हुआ।
वहीं, प्रदीप कुमार पर ब्याज दरों से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को 159.86 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। पूरे मामले में सीबीआई की चार्जशीट में सरकारी धन के प्रबंधन, बैंकिंग फैसलों और कथित अनुचित लाभ से जुड़े कई आरोप दर्ज किए गए हैं।
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