
भोपाल। परिवहन विभाग में आनलाइन सेवा (Online Service) देने वाली स्मार्ट चिप कंपनी को बाद में जवाब देना महंगा पड़ गया। जब कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा तो कंपनी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। इस मामले की सुनवाई फिर से शुरु हुई तो कंपनी ने जवाब पेश करने की अनुमति मांगी। कोर्ट ने शर्त रखी की 25 हजार के हर्जाने के साथ ही जवाब स्वीकार किया जाएगा। कोर्ट ने कंपनी पर हर्जाना लगाते हुए जवाब स्वीकार कर लिया। कंपनी ने तर्क दिया है कि उन्हें सरकार ने ठेका दिया है, उसके अनुसार कार्य कर रहे हैं।
जीरो की रसीद कटवाने के लिए 70 रुपए का भुगतान
याचिकाकर्ता का कहना है कि दूसरे राज्यों में यह सेवा फ्री है, मध्य प्रदेश में पैसा देना पड़ता है। जैसे कि 10 रुपये की फीस जमा करना है तो उसे जमा करने के लिए 70 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। महिलाओं के ड्राइविंग लाइसेंस फ्री हैं, लेकिन जीरो की रसीद कटवाने के लिए 70 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। यदि एमपी आनलाइन से इस प्रक्रिया को पूरा किया तो 50 रुपए और खर्च करने पड़ेंगे। 120 रुपए खर्च करने पर ही उसके लाइसेंस की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
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