नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष (Ongoing conflict in West Asia) का असर अब भारत में भी ऊर्जा आपूर्ति पर दिखने लगा है। ईरान (iran) द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकेबंदी (Blockade of the Strait of Hormuz) के कारण तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का करीब 85 प्रतिशत आयात करता है और इसी कारण देश में एलपीजी और पेट्रोल को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई शहरों में पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
इस स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोग एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी करने लगे, जिसके बाद प्रशासन ने देश के कई राज्यों में सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। उत्तराखंड से लेकर तमिलनाडु तक छापेमारी कर बड़ी संख्या में सिलेंडर जब्त किए गए हैं और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
तमिलनाडु के मदुरै में पुलिस को सूचना मिली थी कि एलपीजी सिलेंडरों की अवैध बिक्री की जा रही है। इसके बाद सिविल सप्लाईज क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट की टीम ने कई स्थानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और कुल 398 सिलेंडर जब्त किए गए, जिनमें घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के सिलेंडर शामिल थे।
जांच में सामने आया कि सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडरों को अवैध रूप से व्यावसायिक उपयोग में लगाया जा रहा था।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी एलपीजी सिलेंडरों का अवैध भंडारण सामने आया। पुलिस के अनुसार कुछ लोग कम कीमत पर सिलेंडर खरीदकर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी कर रहे थे। विभिन्न स्थानों पर की गई कार्रवाई में 350 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए। यह अभियान मुख्यमंत्री के निर्देश पर चलाया गया।
कर्नाटक के यादगीर जिले में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। जांच के दौरान कई होटलों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का व्यावसायिक इस्तेमाल पाया गया। नियमों के उल्लंघन पर अधिकारियों ने 46 सिलेंडर जब्त कर लिए।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रशासन ने 22 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए हैं। वहीं सागर में एक अवैध रिफिलिंग सेंटर का भंडाफोड़ हुआ, जहां से 47 सिलेंडर बरामद किए गए। छतरपुर में भी कार्रवाई करते हुए करीब 38 सिलेंडर जब्त किए गए। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि संकट के समय कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के झांसी, चंदौली, हापुड़, जौनपुर समेत कई जिलों में प्रशासन लगातार छापेमारी कर रहा है और सैकड़ों सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कालाबाजारी करने वालों को सख्त चेतावनी दी है।
इस बीच कई जगहों पर सिलेंडर को लेकर विवाद भी सामने आए हैं। बाराबंकी में गैस एजेंसी पर लाइन को लेकर मारपीट हो गई, जबकि गाजियाबाद के मोदीनगर में सिलेंडर से भरा ट्रक पहुंचते ही लोगों ने हंगामा कर दिया। महराजगंज में सिलेंडर न मिलने से नाराज लोगों ने सड़क जाम कर दी।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में प्रशासन की टीमों ने बाजारों में छापेमारी कर 22 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए। जांच में पाया गया कि इन्हें व्यावसायिक कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा था। चंपावत में भी होटल और ढाबों पर कार्रवाई करते हुए 10 सिलेंडर जब्त किए गए।
हालांकि बढ़ती घबराहट के बीच केंद्र सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है।
उन्होंने बताया कि 5 मार्च के बाद एलपीजी उत्पादन में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। वहीं औसतन 55.7 लाख बुकिंग की तुलना में अब बुकिंग बढ़कर 75.7 लाख तक पहुंच गई है, जो लोगों की घबराहट को दर्शाता है।
सरकार ने साफ किया है कि किसी भी डीलर के पास एलपीजी का स्टॉक खत्म नहीं हुआ है और लोगों को घबराकर अतिरिक्त बुकिंग करने की जरूरत नहीं है।
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