
नई दिल्ली। लेबनान (Lebanon) में लागू संघर्ष विराम के बावजूद इस्राइल और हिजबुल्ला (Israel and Hezbollah) के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। दक्षिणी लेबनान में रणनीतिक लितानी नदी क्षेत्र के आसपास मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच भारी संघर्ष की खबर है। इस्राइली सेना (Israeli Army) ने नदी के उत्तरी इलाकों की ओर बढ़ते हुए सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है, जबकि हिजबुल्ला ने रॉकेट, तोप और ड्रोन हमलों से जवाबी कार्रवाई की।
यह संघर्ष ऐसे समय में बढ़ा है जब कुछ दिनों बाद वॉशिंगटन में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत प्रस्तावित है। हालांकि अमेरिका की मध्यस्थता से लागू संघर्ष विराम अब कमजोर होता दिखाई दे रहा है।
लितानी नदी क्षेत्र क्यों बना युद्ध का केंद्र
लितानी नदी दक्षिणी लेबनान में रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। रिपोर्टों के अनुसार इस क्षेत्र के दक्षिणी हिस्से पर इस्राइल का सैन्य दबाव बना हुआ है। मंगलवार को इस्राइली सेना ने नदी किनारे कई इलाकों में आगे बढ़ने की कोशिश की। इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि सेना दक्षिणी लेबनान में बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है और रणनीतिक ठिकानों पर नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है, ताकि उत्तरी इस्राइल के शहरों को रॉकेट और ड्रोन हमलों से बचाया जा सके।
दोनों पक्षों के हमलों का दावा
इस्राइली सेना ने दावा किया कि उसने रातभर में दक्षिणी लेबनान और पूर्वी बेका घाटी में हिजबुल्ला के 100 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें हथियार भंडार, कमांड सेंटर और निगरानी पोस्ट शामिल थे। मशघारा गांव में हुए एक हवाई हमले में 12 लोगों की मौत की भी खबर है, जिनमें एक ही परिवार के सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं हिजबुल्ला ने दावा किया कि उसने लितानी नदी के आसपास तैनात इस्राइली सैनिकों और वाहनों पर रॉकेट, तोप और ड्रोन हमले किए और कई घुसपैठ की कोशिशों को पीछे धकेल दिया।
बेरूत में बढ़ी चिंता
संघर्ष विराम के बाद लेबनान की राजधानी बेरूत में हालात अपेक्षाकृत शांत थे, लेकिन ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद लोगों में चिंता बढ़ गई है। कई इलाकों में लोग सुरक्षा कारणों से घर छोड़ते नजर आए। इस्राइल ने हाल के दिनों में नबातियेह और पूर्वी लेबनान के कराउन बांध क्षेत्र में भी हमले तेज किए हैं और नागरिकों को कई इलाकों को खाली करने की चेतावनी दी गई है।
लेबनान में मानवीय संकट गहराया
लेबनान में चल रहे संघर्ष के चलते बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हो चुके हैं। रिपोर्टों के अनुसार अब तक 10 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस्राइली हमलों में 3,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों घायल हैं। वहीं इस्राइल का कहना है कि उसके भी कई सैनिक और सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है और आने वाले दिनों में कूटनीतिक बातचीत पर इसका असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved