
डेस्क: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की गई है. 30 मार्च से लाइट इलेक्ट्रिक-व्हीकल एक्सेलरेशन फोरम यानी LEAF की आधिकारिक शुरुआत की गई. यह एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसमें ऑटो कंपनियां, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटर्स और टेक्नोलॉजी कंपनियां मिलकर काम करेंगी. इस पहल का उद्घाटन भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने किया. LEAF का मुख्य उद्देश्य भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेगमेंट को मजबूत करना और चार्जिंग सिस्टम को एक जैसा बनाना है.
LEAF का सबसे बड़ा फोकस यह है कि अलग-अलग कंपनियों के चार्जिंग स्टेशन एक-दूसरे के साथ काम कर सकें. अभी कई बार ऐसा होता है कि अलग-अलग कंपनियों के चार्जर एक-दूसरे से मेल नहीं खाते, जिससे यूजर्स को परेशानी होती है. इसी समस्या को दूर करने के लिए LEAF एक यूनिफाइड सिस्टम बनाने पर काम करेगा. इसमें LECCS (लाइट इलेक्ट्रिक कंबाइंड चार्जिंग सिस्टम) को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसे भारतीय मानक ब्यूरो ने मंजूरी दी है. यह ‘Type-7’ कनेक्टर पर आधारित है, जो स्लो और फास्ट दोनों तरह की चार्जिंग को सपोर्ट करता है. इससे यूजर्स को अलग-अलग चार्जिंग नेटवर्क के बीच आसानी से मूव करने की सुविधा मिलेगी और उन्हें हर बार नया चार्जर ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
इस फोरम की शुरुआत देश की बड़ी कंपनियों ने मिलकर की है. इसमें Hero MotoCorp, Ather Energy और IPEC India मुख्य रूप से शामिल हैं. ये कंपनियां मिलकर इस पहल को आगे बढ़ाएंगी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर काम करेंगी. लॉन्च के दौरान EV सेक्टर से जुड़ी 20 से ज्यादा कंपनियां इस पहल से जुड़ीं और आने वाले समय में और कंपनियों के शामिल होने की उम्मीद है.
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और यह एक अहम मोड़ पर पहुंच चुका है. लेकिन अभी भी चार्जिंग की चिंता एक बड़ी समस्या बनी हुई है. LEAF का मकसद इसी चिंता को खत्म करना है, ताकि लोग बिना डर के इलेक्ट्रिक वाहन खरीद सकें. इसके लिए देशभर में एक मजबूत और भरोसेमंद चार्जिंग नेटवर्क तैयार किया जाएगा.
LEAF सिर्फ निजी कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगा. इसका उद्देश्य है कि देश की मौजूदा नीतियों के अनुसार एक ऐसा चार्जिंग नेटवर्क तैयार किया जाए, जो पूरे भारत में लागू हो सके. इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर की बिक्री में तेजी आएगी. जब चार्जिंग आसान और भरोसेमंद होगी, तो ज्यादा लोग EV की तरफ आकर्षित होंगे. कुल मिलाकर, LEAF की शुरुआत भारत के EV सेक्टर के लिए एक बड़ा कदम है, जो चार्जिंग सिस्टम को आसान, सस्ता और बेहतर बनाने में मदद करेगा.
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