
शिव-नंदी करेंगे भारत के संकट का बेड़ा पार….
80 हजार टन तेल से भरा तीसरा जहाज ‘लाडक़ी ’ भी रवाना
नई दिल्ली। भारत (India) के तेल-गैस संकट (Oil and Gas Crisis) को उबारने के लिए शिव और नंदी का नाम लिए भारतीय ध्वज वाले दो गैस जहाज शिवालिक (Shivalik ) आज तो नंदादेवी (Nanda Devi) कल भारत पहुंचने वाले हैं। ये दोनों जहाज लगभग 92,712 टन एलपीजी लेकर भारत आ रहे हैं। शिवालिक आज गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचेगा तो नंदादेवी कल कांडला बंदरगाह पहुंचेगा। ये दोनों जहाज उन 24 पोतों में शामिल थे, जो युद्ध शुरू होने के बाद से स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए थे।
उधर 14 मार्च 2026 से फुजैराह में फंसा जग लाडक़ी नामक जहाज भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकल चुका है। यह जहाज फुजैराह में जब कच्चा तेल लोड कर रहा था, उसी दौरान तेल टर्मिनल पर हमला हुआ। इस खतरे के बावजूद जहाज कल सुबह 10.30 बजे लगभग 80,800 टन मुरबन कच्चे तेल के साथ सुरक्षित रवाना हो गया। भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है। अमेरिका-इजराइल के ईरान पर किए गए हमलों से पहले भारत के कुल तेल आयात का आधा और एलपीजी आयात का 85-90 प्रतिशत हिस्सा सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों से आता था।
भंडार खोलने के बावजूद तेल 100 डॉलर पार
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी द्वारा ऑइल रिजर्व जारी किए जाने के बावजूद आज ब्रेंट क्रूड 102.68 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 97.59 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। इससे पहले कच्चे तेल के दाम 118 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए थे, लेकिन बाद में इसके दाम तेजी से गिर गए।
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