
इन्दौर। भाजपा के नगर संगठन ने तय किया है कि पार्टी को आजीवन सहयोग निधि देने के लिए भाजपा के पार्षद अपनी 5 महीने की सैलरी देंगे। वहीं महापौर को 6 महीने की सैलरी देना होगी। जो पार्षद एमआईसी मेम्बर बन गए हैं, उन्हें 10 महीने की सैलरी आजीवन सहयोग निधि में जमा कराना होगी। ये टारगेट जल्द से जल्द पूरा करने के लिए भी कहा गया है। कल भाजपा कार्यालय पर सभी पार्षदों, पूर्व पार्षदों और नगर पदाधिकारियों को बुलाया गया था। भाजपा आजीवन सहयोग निधि के माध्यम से ही पार्टी की वर्षभर की गतिविधि का संचालन करती है। 11 फरवरी से इसकी शुरूआत हो चुकी है और आखरी तारीख 25 फरवरी इंदौर के संगठन ने तय की है। कल हुई बैठक में महापौर पुष्यमित्र भार्गव, नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, महामंत्री सविता अखंड मौजूद रहे। संगठन के लिए यह एक तरह से समर्पण निधि होती है और पूरे प्रदेश का बड़े से लेकर छोटा नेता इसमें अपना योगदान देता है।
यहां तक कि पार्टी के पुराने कार्यकर्ता, नेता और जनप्रतिनिधि भी आगे बढक़र इस आजीवन सहयोग निधि में अपनी ओर से राशि देते हैं। इस बार किसी को ज्यादा टारगेट नहीं दिया गया है, क्योंकि नगर को 3 करोड़ रुपए की राशि इकट्ठा करके देना है। हालांकि नगर का लक्ष्य है कि यह राशि बढ़ाकर दी जाए। कल हुई बैठक ेंनगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि भाजपा के सभी पार्षदों को 5 महीने की सैलरी समर्पण राशि के रूप में देना है और अगर वे एमआईसी मेम्बर हैं तो उन्हें 10 महीने की सैलरी देना होगी। अभी पार्षदों को 11 हजार रुपए सैलरी और अलग से मानदेय तथा भत्ता मिलता है, यानी पार्षद 51 हजार रुपए देंगे और एमआईसी सदस्य 1 लाख 11 हजार रूपए जमा कराएंगे। महापौर को 21 हजार रुपए सेलरी मिलती है, उन्हें 6 महीने की सेलरी सहित 1 लाख 51 हजार रुपए का टारगेट दिया गया है। हालांकि महापौर खुद आजीवन सहयोग निधि प्रभारी भी हैं। बैठक में एमआईसी मेम्बर राजेन्द्र राठौर, नंदकिशोर पहाडिय़ा, निगम सचेतक दल के कमल वाघेला विशेष रूप से मौजूद रहे।
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