
जबलपुर। शहर में दूध की कीमतें एक बार फिर आसमान छूने को तैयार हैं। वर्तमान में शहर में दूध 72 रुपये प्रति लीटर की दर से मिल रहा है, लेकिन डेयरी संचालकों की नई योजना के मुताबिक इसमें 3 से 5 तक की बढ़ोतरी की जा सकती है। इसके बाद दूध के दाम 75 से 77 रुपये प्रति लीटर तक पहुँच सकते हैं। संचालकों का तर्क है कि पशुओं के चारे और रखरखाव के खर्च में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण पुराने दामों पर दूध बेचना अब मुमकिन नहीं है। वहीं, उपभोक्ताओं का मानना है कि हर साल गर्मी की शुरुआत में इसी तरह कीमतों में मनमानी वृद्धि की जाती है।
पनीर और दही भी होंगे महंगे
दूध की कीमतों में होने वाली यह वृद्धि केवल दूध के गिलास या चाय तक सीमित नहीं रहेगी। जैसे-जैसे गर्मी दस्तक दे रही है, बाजार में दही, मठा (छाछ), पनीर और आइसक्रीम की मांग तेजी से बढ़ रही है। दूध महंगा होने का सीधा असर इन सभी सहायक डेयरी उत्पादों पर पड़ेगा। जबलपुर के प्रमुख दूध उत्पादन केंद्र परियट और पनागर क्षेत्र में हलचल तेज है, जहाँ से पूरे महाकौशल में सप्लाई होती है। स्थानीय जानकारों का कहना है कि गर्मी में दूध का उत्पादन कम होने और मांग बढऩे का फायदा उठाकर बिचौलिए और संचालक कीमतों को बढ़ाने का दबाव बना रहे हैं, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों की रसोई का बजट बिगडऩा तय है।
प्रशासनिक नियंत्रण का अभाव,पब्लिक परेशान
शहर की जनता में इस बात को लेकर काफी नाराजगी है कि दूध जैसी आवश्यक वस्तु की कीमतों पर प्रशासन का कोई अंकुश नहीं है। पिछले 20 वर्षों से यह मांग की जा रही है कि दूध को आवश्यक वस्तु अधिनियम के दायरे में लाया जाए ताकि डेयरी संचालक अपनी मर्जी से रेट तय न कर सकें। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की इसी बेरुखी के चलते जबलपुर में दूध की दरें मनमाने ढंग से तय की जा रही हैं। अधिकारियों की चुप्पी का फायदा उठाकर डेयरी संचालक एकजुट होकर दाम बढ़ा देते हैं, जिसका खामियाजा अंतत: शहर के आम आदमी को भुगतना पड़ रहा है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved