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D-फार्मा से नर्सिंग तक फर्जी डिग्रियों का खेल चाय बेचने वाले के नाम दर्ज थी यूनिवर्सिटी पांच गिरफ्तार

September 20, 2026

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) के एटा में फर्जी मेडिकल कॉलेज (Fake medical college)और यूनिवर्सिटी (University)के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का पुलिस ने खुलासा किया है। मारहरा थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले में आरोप है कि वर्ष 2022 से छात्रों को मेडिकल से जुड़े अलग अलग पाठ्यक्रमों में दाखिला दिलाने के नाम पर रकम वसूली जा रही थी। छात्रों और उनके परिजनों को भरोसा दिलाया जाता था कि उन्हें (Recognized degree and mark sheet)मान्य डिग्री और मार्कशीट उपलब्ध कराई जाएगी। पुलिस के मुताबिक इस पूरे खेल के जरिए अब तक दो करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम ऐंठी जा चुकी है। मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से फर्जीवाड़े से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।

इस पूरे मामले का खुलासा भी बेहद चौंकाने वाले घटनाक्रम के बाद हुआ। पुलिस के मुताबिक 16 सितंबर को रामसेवक नाम के व्यक्ति ने डायल 112 पर सूचना दी कि उसके भाई सतेंद्र कुमार का कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया है और उसकी रिहाई के बदले 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और सतेंद्र की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने उसे आगरा से सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद जब पूरे मामले की जांच आगे बढ़ी तो अपहरण की कहानी ही संदिग्ध निकली। पुलिस के अनुसार सतेंद्र ने कथित तौर पर खुद अपने अपहरण की साजिश रची थी। आरोप है कि छात्रों और उनके परिजनों से ली गई रकम वापस करने से बचने के लिए उसने यह पूरा ड्रामा रचा।

जांच के दौरान पुलिस को कथित फर्जी यूनिवर्सिटी के बारे में जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक बीएस मेडिकल कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी के नाम से वर्ष 2022 से कई मेडिकल और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले कराए जा रहे थे। इनमें डी-फार्मा बी-फार्मा बीएससी नर्सिंग डीएमएलटी बीएमएलटी जीएनएम और एएनएम जैसे पाठ्यक्रम शामिल थे। छात्रों को इन पाठ्यक्रमों के बाद डिग्री और मार्कशीट देने का भरोसा दिया जाता था और इसी आधार पर उनसे फीस के नाम पर रकम ली जाती थी।

मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि पुलिस के मुताबिक कथित यूनिवर्सिटी चाय बेचने वाले भगवान दास के नाम पर संचालित की जा रही थी। पुलिस ने इस मामले में सतेंद्र कुमार गौरव अग्रवाल भगवान दास नरेंद्र उर्फ पप्पू और मोहम्मद शरीफ कुरैशी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित फर्जी संस्थान के संचालन में और कौन लोग शामिल थे और छात्रों से वसूली गई रकम का नेटवर्क किस तरह काम करता था।


  • पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप फर्जी चेक छात्रों के आई कार्ड फीस रसीदें अटेंडेंस शीट प्रश्नपत्र परीक्षा पुस्तिकाएं मार्कशीट मुहर और प्रचार सामग्री बरामद की है। इन सामानों की बरामदगी से पुलिस को कथित फर्जी शैक्षणिक संस्थान के कामकाज और छात्रों को दिए जाने वाले दस्तावेजों की जांच में मदद मिल रही है। सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और फर्जी यूनिवर्सिटी के जरिए की गई कथित ठगी की पूरी कड़ी की जांच कर रही है।

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