
इंदौर। हाईकोर्ट की फटकार का यह असर हुआ कि ताबड़तोड़ 11 किलोमीटर लम्बे बीआरटीएस की एक तरफ की रैलिंग निकलना शुरू हुई और आज ये रैलिंग पूरी तरह से हट जाएगी। हालांकि दूसरी तरफ की रैलिंग को लेकर ठेकेदार के मुताबिक कोई नए निर्देश नहीं मिले हैं। वहीं निगम का कहना है कि जिन दो ठेकेदार फर्मों को सेंटर डिवाइडर का काम सौंपा है उनसे अब जल्द ही डिवाइडर बनवाना शुरू कर देंगे। हालांकि रैलिंग हटाने में तो कम समय लगता है, लेकिन उसके लिए बनाए गए सीमेंट कांक्रीट के बीम को तोडऩा और फिर जमीन को समतल करन और उसके साथ ही जो बस स्टॉप पूरे कॉरिडोर पर बने हैं उन्हें खोलने-हटाने में अवश्य समय लगेगा। हालांकि निगम ने 6 माह की समयावधि इसके लिए तय की है।
नीरंजनपुर से लेकर राजीवगांधी चौराहा तक लगभग साढ़े 11 किलोमीटर का बीआरटीएस कॉरिडोर अगले 6 महीने में अतीत की बात हो जाएगा, जब इस पर सिटी बसों के लिए बनाया गया पूरा सिस्टम हटेगा। हालांकि अभी नीरंजनपुर और सत्यसांई चौराहा पर फ्लायओवरों का काम चल रहा है, जिसके चलते सिटी बसों का संचालन कॉरिडोर के भीतर बंद हो गया था। मगर अब पूरे बीआरटीएस पर ही आई-सिटी बसों का संचालन बंद हो गया है और अब ये बसें दोनों तरफ की लेन, जो कि सामान्य वाहनों के लिए है, उस पर ही चल रही हैं। वहीं अभी तीन दिन पहले हाईकोर्ट ने बीआरटीएस तुड़ाई में बरती जा रही ढिलाई को लेकर कलेक्टर और निगमायुक्त को फटकार लगाई और एक तरफ की रैलिंग 15 दिन में हटाने के निर्देश दिए, जिसके चलते बीते दो दिनों से एकाएक रैलिंग हटाने की कार्रवाई तेजी से होने लगी और कलेक्टर के साथ निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव इसकी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
बीआरटीएस तुड़ाई का ठेका सबलेट होते हुए अब कबाड़ी के पास पहुंचा है, जिसने दो दिनों में कमाल करते हुए जीपीओ चौराहा से लेकर मेडिकल कॉलेज होते हुए प्रेस कॉम्प्लेक्स के आगे तक की रैलिंग कल हटा दी थी और आज सुबह जब ठेकेदार दीपांशु झारिया से पूछा गया तो उनका कहना था कि एक तरफ की रैलिंग हटाने का काम आज वे पूरा कर लेंगे। बीम तोडऩे और बस स्टाप हटाने में समय लगेगा। दूसरी तरफ राजेन्द्र राठौर का कहना है कि बीआरटीएस कॉरिडोर पर सेंटर डिवाइडर का निर्माण करवाया जाना है। उसके साथ ही अन्य प्रावधान भी किए गए हैं। बिजली के खम्भे भी शिफ्ट होंगे और नए लगेंगे। सेंटर डिवाइडर निर्माण का काम दो ठेकेदार फर्मों को आबंटित किया गया था और तीसरे पैकेज के टेंडर मंजूर नहीं हो सके। मगर इन दोनों ठेकेदार फर्मों से ही यह काम करवा लिया जाएगा और जल्द ही सेंटर डिवाइडर का निर्माण भी इन ठेकेदार फर्मों से शुरू करवा देंगे, ताकि तय समय सीमा में यह काम भी पूर्ण हो सके। दूसरी तरफ एआईसीटीएसएल नए बस स्टॉपों का निर्माण भी करवा रहा है।
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