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उज्जैन। चरक अस्पताल में अंदर घुसते ही बदबू आती है तथा पिछले दिनों लाखों रुपए खर्च किए गए थे लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। उल्लेखनीय है कि आगर रोड स्थित जिला चिकित्सालय के चरक भवन की सीवरेज समस्या के स्थाई समाधान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 57 लाख रुपए में नई भूमिगत सीवरेज लाइन डालने का फैसला लिया था।
यह काम नगर निगम के पीएचई विभाग को सौंपा गया था। बताया जा रहा था कि बीते अगस्त माह में ही नई सीवरेज लाइन में चरक भवन से निकलने वाली सीवरेज पाइपलाइन को क्षीरसागर होते हुए रामघाट की ओर जाने वाली मुख्य चैंबर लाइन से जोड़ा जाना था। इससे गंदे पानी की निकासी आसान होने की उम्मीद जगी थी लेकिन तकनीकी खामियों के कारण सिवरेज लाईन मुख्य सीवेज लाइन से जोड़ी ही नहीं गई हैं। ऐसे में आज भी चरक भवन का सीवेज अस्पताल परिसर में ही फैलता नजर आ रहा हैं। जिससे यहां आने वाले मरीज और डॉक्टर परेशान हैं। अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे है कि जल्द ही सीवरेज का स्थाई समाधान हो जाएगा। लेकिन कब तक यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि नई सिवरेज लाइन के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। क्या पीएचई के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है?
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