
- बरामद में किए 28 लाख के जेवरात, नकदी और बाइक
नागदा। सुनीर नगर और गांव मोहिना में सूने मकान का ताला तोड़कर चोरी की वारदात के मामले का मंडी पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। पुलिस ने आरोपियों से 28 लाख रुपए के जेवरात, नकदी और बाइक बरामद की है। मंडी थाने में मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में सीएसपी विक्रम अहिरवार और मंडी थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी ने बताया कि सुनीर नगर में प्रापर्टी ब्रोकर मोहम्मद आजाद के घर चोरी की वारदात दो माह पहले हुई थी।
जाँच में वारदात में खरगोन जिले के सिंगनूर निवासी रतलाम सिंह पिता नाहर सिंह, धार जिले के गंधवानी निवासी दीपक पिता समंदर सिंह, धार जिले के गंधवानी निवासी शिवराज सिंह पिता हरपाल सिंह छाबड़ा का नाम सामने आया था। पुलिस ने रतलाम सिंह को गिरफ्तार कर उससे लगभग 8.50 लाख रुपए के जेवर और 70 हजार रुपए नकदी बरामद की थी। इसके बाद आरोपी दीपक भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। जिसे पुलिस ने जेल भेज दिया था। हालही में आरोपी शिवराज को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पूछताछ में शिवराज ने बताया कि सुनीर नगर के साथ ही 2025 में गांव मोहिना में भी दीपक और उसने मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। जिस पर पुलिस दीपक को भी मेमोरेंडम के आधार पर न्यायालय से पुलिस रिमांड लेकर आई। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने सुनीर नगर और मोहिना से चोरी आभूषणों की बरामदगी की। पुलिस ने आरोपी रतलाम सिंह के कब्जे से लगभग 8.50 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात और 70 हजार रुपए नकद बरामद किए थे। अब पुलिस ने आरोपी दीपक से लगभग 8.30 लाख रुपए के जेवरात और आरोपी शिवराज सिंह से लगभग 8.40 लाख रुपए के जेवरात और एक बाइक बरामद की है। वहीं गांव मोहिना की चोरी में आरोपी शिवराज सिंह और दीपक से करीब 2 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात भी बरामद किए है। यानि पुलिस ने कुल 27.20 लाख रुपए कीमत के जेवरात, 70 हजार रुपए नकद और 50 हजार रुपए कीमत की बाइक बरामद की है। यह बाइक शिवराज की है, इसके माध्यम से ही आरोपी क्षेत्र में पहुंचकर वारदात करते थे। पुलिस ने बताया कि तीनों बदमाश वारदात के दौरान मोबाइल फोन लेकर ही नहीं आए, क्योंकि उन्हें पता है कि पुलिस तकनीकि साक्ष्य का उपयोग कर उनकी जानकारी जुटा सकती है। हालांकि फिर भी तकनीकि साक्ष्यों से पुलिस इन आरोपियों तक पहुंच सकी। थाना प्रभारी गवरी के मुताबिक तीनों आरोपियों पर पूर्व में भी चोरी की वारदात के प्रकरण दर्ज है, जो इनके जिला क्षेत्र में ही की गई थी। अब इन्होंने अन्य जिले में वारदात की, ताकि पुलिस इन्हें ट्रेस न कर सके। वारदात का खुलासा करने में थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी, एसआई साइबर सेल प्रतीक यादव, एएसआई अरविंद गणावा, प्रधान आरक्षक प्रकाश यादव, सुशील मिश्रा, विनोद माली, रोहित मालवीय, आरक्षक कृष्णा बैरागी, रणवीर सिंह, दीनदयाल धनगर, मिथुन प्रजापति, अजय चौहान, रोहित साहू, पंकज गर्ग, शेर सिंह व ज्योति वर्मा की भूमिका रही।