
वास्तव में गर्मी ने कमाल कर दिया, जो बर्फ पिघल रही है या फिर ये भी पॉलिटिक्स है प्यारे?
एयरपोर्ट और अन्य कार्यक्रमों में मोहन यादव और कैलाश विजयवर्गीय की करीबी को लेकर कल राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी। राजनीति के पंडितों ने अनुमान लगा लिया कि बर्फ पिघलने लगी है और दिल्ली के हस्तक्षेप के बाद दोनों नेता एक जाजम पर नजर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम में भी दोनों नेताओं के बीच चली आपसी बातों को देखते हुए तो यह भी लगा कि अब सब कुछ सामान्य होने वाला हैं, लेकिन राजनीति के विश्लेषक और समीक्षकों का कहना हैकि ये बर्फ गर्मी के मौसम के कारण पिघली है या फिर इसमें भी कुछ न कुछ राज छिपा है। यही तो पॉलिटिक्स है प्यारे, ये बात अभी नहीं समझ आएगी। इसे आने वाला वक्त ही बताएगा।
सुमित ने बांधे सीएम की तारीफों के पुल
कल एक बार फिर भाजपा के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा भावावेश में आ गए। अपने जमाने के डिबेटर रहे सुमित को यहां तक कामयाबी इसी बल पर मिली कि वे वाकपटुता में माहिर हैं। कल जब उन्हें दशहरा मैदान के मंच पर भाषण देने के लिए बुलाया तो उन्होंने सीएम मोहन यादव की तारीफ में तुकबंदी करते हुए इतने कसीदें जड़े कि मुख्यमंत्री खुद अपने आपको ताली बजाने से रोक नहीं पाए। सुमित ने मुख्यमंत्री को कई उपमाएं दे डालीं और उनका अच्छा-खासा गुणगान कर डाला।
भाजपा कार्यालय का साउंड सिस्टम खराब
भाजपा कार्यालय का साउंड सिस्टम फिर खराब हो गया है। मीटिंग में माइक पर बोलने वालों की आवाज नहीं आती तो कभी सिस्टम काम नहीं करता है। वैसे गोपी नेमा के समय कार्यालय के कायाकल्प के दौरान साउंड सिस्टम लगाया गया था, जिसे गौरव रणदिवे के कार्यकाल के दौरान बदलकर अपडेट किया गया था, लेकिन अब फिर यह सिस्टम खराब हो गया है। अब सभी भाजपा पार्षद धनराशि जुटाएंगे, इस बहाने कायाकल्प भीे जाएगा, वैसे इस हॉल को अब अत्याधुनिक बनाने की पहल की जा रही है।
आधी-अधूरी तैयारी से पहुंच गई महिला अध्यक्ष
विपक्ष को सत्ता पक्ष को घेरने का कुछ न कुछ मौका चाहिए होता है। इसके लिए मीडिया से अच्छा दूसरा रास्ता कोई नहीं है। पिछले दिनों प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया प्रेस क्लब पहुंची और भाजपा के नेताओं को दुष्कर्म के मामले में घेर दिया। यही नहीं उन्होंने विजय शाह का नाम भी लिया, जिन्होंने महिलाओं का अपमान किया और प्रदेश में लापता 18 हजार बच्चियों के अभी तक नहीं मिलने का मामला उठाया। जब उनसे पूछा गया कि आप नारी सशक्तिकरण की बात कर रही हैं और आपकी ही पार्टी महिलाओं की उपेक्षा करती है और उन्हें कार्यकारिणी में नहीं लेती हैं तो वे बगले झांकने लगीं, वहीं प्रदेश में दूसरे आंकड़ों की जानकारी भी मांगी गई तो उनके पास प्रेसनोट पढऩे के अलावा कुछ नहीं था। रीना ने आधी-अधूरी तैयारी से प्रेसनोट पढ़ा और प्रेस कान्फ्रेंस की औपचारिकता पूरी कर दी।
वाह-री किस्मत, इनको पद मिला दूसरे कतार में
कई कांग्रेसी ऐसे हैं, जो भाजपा में आने के बाद अपने आपको ठगा महसूस कर रहे हैं। कुछ को तो पद मिल गया, लेकिन कई पद नहीं मिलने के कारण एक तरह से घर बैठे हुए हैं। इनमें सिंधिया समर्थकों की संख्या ज्यादा है। खैर अभी पिछले साल ही कांग्रेस से भाजपा में आए अनुसूचित जाति के एक नेता को पार्टी ने प्रदेश कार्यकारिणी में पद दे दिया। सुमित के नजदीकी इन नेताजी की और चल निकली, जब उन्हें एक संभाग का प्रभारी बना दिया गया। -संजीव मालवीय
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