
नई दिल्ली । उत्तराखंड (Uttarakhand) के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित आदि कैलाश (Adi Kailash) में सोमवार को पहली बार जाम जैसी स्थिति सामने आई। करीब 14,500 फीट(14,500 Feet) की ऊंचाई पर वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण सड़क पर लंबी कतारें लग गईं। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालुओं और यात्रियों को कई घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ा। उच्च हिमालयी क्षेत्र(High Himalayan Region) में इस तरह वाहनों का दबाव बढ़ना अब यातायात व्यवस्था(Traffic Management) के लिए नई चुनौती बनता दिखाई दे रहा है।
आदि कैलाश क्षेत्र में पिछले दिनों हुई भारी बर्फबारी के कारण सड़क पर तीन से चार फीट तक बर्फ जमा हो गई थी। यातायात बहाल करने के लिए बर्फ हटाने का काम किया गया और सड़क से जमा बर्फ को हटाकर आवाजाही शुरू कराई गई। हालांकि सड़क के दोनों किनारों पर तीन से चार फीट तक बर्फ के ढेर पूरी तरह नहीं हट सके। इसके कारण सड़क की प्रभावी चौड़ाई कम हो गई और आमने-सामने आने वाले वाहनों को एक-दूसरे को रास्ता देने में परेशानी होने लगी।
जाम की स्थिति के पीछे केवल बर्फ ही कारण नहीं है। आदि कैलाश जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ निजी वाहनों की संख्या में भी लगातार इजाफा हुआ है। ऐलागाड़, कुलागाड़, एस बैंड और मलघाट जैसे संवेदनशील हिस्सों में सड़क पहले से ही अपेक्षाकृत संकरी है। ऐसे स्थानों पर एक साथ अधिक वाहन पहुंचने पर दोनों दिशाओं से आने वाले वाहनों को निकालना मुश्किल हो जाता है। बर्फबारी के बाद सड़क की स्थिति और सीमित होने से समस्या और बढ़ गई।
किसी एक स्थान पर वाहन रुकने के बाद उसके पीछे आने वाले वाहनों की कतार बढ़ती चली गई। यही स्थिति सोमवार को लंबे जाम में बदल गई। उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम का अचानक बदलना, भारी बर्फबारी और सड़क पर बर्फ जमना सामान्य यातायात के लिए पहले से ही बड़ी चुनौती है। अब वाहनों की संख्या बढ़ने से इन परिस्थितियों में यातायात संचालन की मुश्किलें और बढ़ रही हैं।
आदि कैलाश करीब 14,500 फीट यानी 4,420 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। कुछ वर्ष पहले तक यहां दुर्गम पहाड़ी रास्ते और कठिन मौसम को यात्रा की प्रमुख बाधाओं में गिना जाता था। सड़क में सुधार और कई हिस्सों में डामरीकरण के बाद यहां वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में आसान हुई है। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने वाहनों से आदि कैलाश पहुंचने लगे हैं।
आदि कैलाश मार्ग चीन सीमा तक पहुंच का प्रमुख रास्ता होने के साथ सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। मार्ग में सुधार के बाद यात्रियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में 10,079 पर्यटक आदि कैलाश पहुंचे थे। 2024 में यह संख्या बढ़कर 29,423 और 2025 में 31,558 हो गई। वर्ष 2026 में अब तक यह संख्या 61,950 तक पहुंच चुकी है। इस बढ़ते दबाव के बीच सड़क की सीमित चौड़ाई और बर्फबारी यातायात के लिए परेशानी पैदा कर रही है।
आदि कैलाश क्षेत्र में वाहनों का दबाव बढ़ने के कारण पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था सुचारु रखने में लगातार जुटे हैं। फिलहाल बर्फबारी के बाद सड़क किनारे जमा बर्फ के कारण मार्ग की चौड़ाई कम होना जाम की समस्या का प्रमुख कारण बना हुआ है। ऊंचाई वाले इस क्षेत्र में वाहनों की बढ़ती संख्या और मौसमी परिस्थितियों के बीच यातायात को सामान्य बनाए रखना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
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