img-fluid

कर्रेगुट्टा पर आजादी के बाद पहली बार लहराया तिरंगा… नक्सलवाद के अंत से बस्तर के 90 गांवों में नई सुबह

August 15, 2026

सुकमा। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों (Karregutta hills) पर आजादी (Independence) के बाद पहली बार तिरंगा (First Time Tricolour) लहराया गया है. यह पहाड़ी कभी नक्सलियों का सबसे मजबूत गढ़ मानी जाती थी. सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बीजापुर जिलों के करीब 90 गांवों में भी 80 साल में पहली बार तिरंगा फहराया गया. छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप बाइक से करीगुट्टा पहुंचे और वहां झंडा फहराया. यह पूरा कार्यक्रम बस्तर तिरंगा यात्रा के तहत हुआ, जो तीन दिन तक चली।

बस्तर में नक्सलवाद खत्म होने के बाद लोगों के मन से डर और भ्रम दूर करने के लिए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तीन दिन की तिरंगा यात्रा पर निकले थे. यात्रा का आखिरी दिन बीजापुर से शुरू हुआ और आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी, ताड़पाला होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर खत्म हुआ. मंत्री द्वय ने तीन दिनों में नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर, इन पांच जिलों में करीब 600 किलोमीटर की दूरी बाइक से तय की।


  • कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर जवानों से मिलकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और मंत्री केदार कश्यप ने शहीदों की याद में पेड़ लगाए. इसके बाद स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर झंडा फहराया गया. इस मौके पर विजय शर्मा ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि वे नक्सलियों के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले गढ़ में जवानों के साथ खड़े होकर झंडा फहरा रहे हैं. उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के 141 पुलिस जवानों को विशिष्ट सेवा और सराहनीय सेवा पदक देकर सम्मानित किया है।

    वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे बिना किसी डर के इस पहाड़ी पर आ पाएंगे, लेकिन आज यह मुमकिन हुआ है. सांसद महेश कश्यप ने इसे ऐतिहासिक पल बताते हुए कहा कि आजादी के 79 साल बाद पहली बार इन इलाकों में तिरंगा पूरे सम्मान के साथ लहरा रहा है. यात्रा के दौरान मंत्रियों और सांसद ने रास्ते में पड़ने वाले सभी गांवों में शहीदों की याद में पौधे लगाए और शहीदों की मिट्टी एकत्र की. उन्होंने शहीदों के परिजनों और ग्रामीणों से भी मुलाकात की।

    यात्रा के दूसरे दिन देर रात मंत्री टेकलगुडेम पहुंचे थे, जो कभी नक्सल प्रभावित इलाका था. यहां तक कि कुख्यात नक्सली हिड़मा के गांव पूवर्ती से भी लोग स्वागत के लिए पहुंचे थे. भारी बारिश के बावजूद सिलगेर, ताड़मेटला, तर्रेम और जगरगुंडा के ग्रामीण देर शाम तक मंत्रियों के स्वागत के लिए मौजूद रहे. इस मौके पर विधायक चैतराम अटामी और पूर्व विधायक महेश गागड़ा भी मौजूद रहे।

    Share:

  • Naxalite camp, ramp, former female Naxalite, laying down arms, handloom, clothing, catwalk

    Sat Aug 15 , 2026
    रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर (Bastar, Chhattisgarh) में कभी हथियार थामकर जंगलों में सक्रिय रहीं महिलाओं की जिंदगी में आया बदलाव अब रैंप पर भी दिखाई दिया। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day) के मौके पर रायपुर में आयोजित ट्राइबल फैशन शो (National Handloom Day) में पूर्व महिला नक्सलियों ने पारंपरिक हाथ से बुने कपड़े पहनकर […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved