लास वेगास/तेहरान। अमेरिका और ईरान (USA – Iran) के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अमेरिका ईरान के साथ वही रणनीति अपना रहा है, जो उसने पहले वेनेजुएला में अपनाई थी। ट्रंप ने दोहराया कि वॉशिंगटन तेहरान के साथ समझौते का इच्छुक है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने दावा किया कि देश को अस्थिर करने और सत्ता परिवर्तन कराने की कोशिश की गई, लेकिन सरकार और जनता की एकजुटता के कारण सभी प्रयास विफल हो गए।
लास वेगास में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि हालिया सैन्य कार्रवाइयों के बाद ईरान की स्थिति कमजोर हुई है, लेकिन अमेरिका अब भी कूटनीतिक समाधान चाहता है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता युद्ध नहीं बल्कि समझौता है, क्योंकि वह अनावश्यक जनहानि से बचना चाहते हैं।
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर ली थी, लेकिन ईरान की ओर से बातचीत के संकेत मिलने के बाद उसे रोक दिया गया। हालांकि बाद में ईरान ने ऐसे किसी प्रस्ताव से इनकार किया, फिर भी दोनों देशों के बीच संपर्क जारी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में स्थिति और स्पष्ट होगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति कभी नहीं दी जाएगी और अमेरिकी नीति इसी लक्ष्य पर केंद्रित रहेगी।
अपने संबोधन में ट्रंप ने वेनेजुएला का उल्लेख करते हुए वहां सक्रिय आपराधिक गिरोह ‘ट्रेन डे अरागुआ’ के खिलाफ कार्रवाई का हवाला दिया और अमेरिकी आव्रजन एजेंसी ICE की सराहना की। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और वेनेजुएला के संबंधों में सुधार हुआ है तथा अमेरिका वहां से बड़ी मात्रा में तेल प्राप्त कर रहा है। ट्रंप ने वेनेजुएला को दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में से एक बताते हुए दोनों देशों के बढ़ते सहयोग का भी जिक्र किया।
ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ संवाद में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और ईरानी पक्ष ने भी बातचीत की पहल की है। उन्होंने संकेत दिया कि अगले 48 घंटों में स्थिति और स्पष्ट हो सकती है तथा तेहरान के लिए समझौता करना लाभदायक होगा।
दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने राष्ट्र के नाम संबोधन में आरोप लगाया कि बाहरी ताकतों ने इस्लामिक गणराज्य को अस्थिर करने और तख्तापलट कराने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि युद्ध, आर्थिक प्रतिबंधों और राजनीतिक दबाव के जरिए ईरान को सीरिया जैसी स्थिति में धकेलने का प्रयास किया गया, लेकिन जनता की एकजुटता और नेतृत्व की दृढ़ता ने इन योजनाओं को सफल नहीं होने दिया।
पेजेशकियन ने कहा कि देश का नया नेतृत्व राष्ट्रीय संप्रभुता और स्थिरता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय एकता ही किसी भी बाहरी चुनौती का सबसे प्रभावी जवाब है और ईरान अपने हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
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