
नई दिल्ली । कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल (Congress General Secretary KC Venugopal) ने कहा कि केरल में यूडीएफ सरकार (UDF Government in Kerala) ने ‘प्रियदर्शिनी फ्री बस योजना’ शुरू कर (By launching ‘Priyadarshini Free Bus Scheme’ ) अपना वादा निभाया (Fulfilled its Promise) । इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में वह अपने वादे पूरे कर रहे हैं।
केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर लिखा, “सत्ता में आने के एक महीने के भीतर ही यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने अपनी पहली ‘इंदिरा गारंटी’ लागू कर दी है! बहुप्रतीक्षित ‘प्रियदर्शिनी फ्री बस स्कीम’ अब लागू हो गई है। पूरे केरल में महिलाएं केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (केएसआरटीसी) बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी और हर महीने हजारों रुपये बचा सकेंगी। हम जन-कल्याण में विश्वास रखते हैं और हमेशा अपने वादे पूरे करते हैं, चाहे वह कर्नाटक हो, तेलंगाना हो या अब केरल।” केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने सोमवार को महिलाओं के लिए राज्य की मुफ्त बस यात्रा योजना का उद्घाटन किया। यह कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ घोषणापत्र का एक अहम वादा था। थम्पानूर सेंट्रल बस टर्मिनल पर हुए लॉन्च इवेंट में भारी भीड़ जुटी, जिसमें ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर सी.पी. जॉन, पिछड़े वर्गों के मंत्री के.ए. तुलसी, चीफ सेक्रेटरी ए.जे. जयतिलक और अन्य सीनियर अधिकारी शामिल हुए।
पहली सर्विस थम्पानूर से स्टेट सेक्रेटेरिएट तक चली, जिसमें तीन किलोमीटर से भी कम की छोटी दूरी तय की गई। प्रियदर्शिनी फ्री बस योजना केएसआरटीसी की ‘साधारण’ बसों पर लागू होगी। राज्य भर में चल रही कॉर्पोरेशन की 5,700 से ज्यादा गाड़ियों में से लगभग 3,125 बसें शामिल हैं। सुबह 9 बजे से योग्य सर्विस में महिला यात्रियों को कंडक्टर जीरो-फेयर टिकट (मुफ्त टिकट) देंगे। चीफ सेक्रेटरी जयतिलक ने इस पहल को आम पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुधार से कहीं बढ़कर बताया। उन्होंने कहा कि भले ही बसें साधारण हों, लेकिन यात्रा का अनुभव ‘साधारण’ नहीं है। उन्होंने महिला यात्रियों से अपील की कि वे अपना जीरो टिकट लें और बेझिझक यात्रा करें।
मंत्री सी.पी. जॉन ने इस पहल को केरल के ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। उन्होंने 1938 में त्रावणकोर प्रशासन के तहत पब्लिक ट्रांसपोर्ट की शुरुआत से लेकर आज के केएसआरटीसी सिस्टम तक के विकासक्रम का जिक्र किया। मुख्यमंत्री सतीशन ने इस योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में एक निवेश बताया। उन्होंने कहा कि मुफ्त यात्रा से होने वाली बचत अर्थव्यवस्था में वापस आएगी और घर-परिवार और समुदाय के खर्चों में मदद करेगी। सरकार पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मज़बूत करने के साथ-साथ प्राइवेट बस ऑपरेटरों के हितों का भी ध्यान रखेगी।
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