
नई दिल्ली: ईरान और इजराइल-अमेरिका की जंग का असर रसोई तक पहुंच गया है. भारत में गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर सड़क से संसद तक घमासान मचा है. इसी कड़ी में गुरुवार को संसद में अजीबो-गरीब नजारा देखने को मिला. हुआ कुछ यूं किबीजेपी सांसद जगदंबिका पाल सदन में बोल रहे थे. तभी टीएमसी सांसदों ने लोकसभा में फ्राईंग पैन/चम्मच बजाने शुरू कर दिए.
टीएमसी सांसदों ने एलपीजी गैस के मुद्दे पर सदन में बर्तन बचाए. इस पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस समय का मुकाबला देश को एकजुट होकर करना है. इस तरह राजनीति करके मुकाबला नहीं करना है.टीएमसी की जो महिला सांसद सदन में बर्तन लेकर पहुंची, उनमें प्रतिभा मंडल, जून मालिया, महुआ मोइत्रा, सयानी घोष और माला राय शामिल हैं.
नोटबंदी, एसआईआर के बाद फिर वही किया
उधर, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी की खबरों पर टीएमसी की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि पीएम मोदी को पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बारे में पता था लेकिन आपने अभी तक इसे कैसे संभालना है, इस पर कुछ नहीं बताया. हमने देखा कि नोटबंदी के दौरान लोग लाइन में खड़े थे. फिर एसआईआर के दौरान आपने लोगों को लाइन में खड़ा कर दिया. अब आपने फिर से वही किया है.
जो हुआ सो हुआ, अब तैयारी करने की जरूरत
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा,गैस और पेट्रोल की समस्या इसलिए हुई क्योंकि हमारी ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया गया. ये समस्या बेकार विदेश नीति की वजह से पैदा हुई है.सरकार को मेरा सुझाव है किजो हुआ सो हुआ, अब तैयारी करने की जरूरत है क्योंकि अभी आपके पास थोड़ा सा समय है.प्रधानमंत्री मोदी और सरकार को तुरंत तैयारी शुरू कर देनी चाहिए. अगर तैयारी नहीं की तो करोड़ों लोगों का नुकसान होगा.
गटर से गैस निकलेगी कैसे और रोटी पकेगी कैसे?
कांग्रेस सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने राज्यसभा में कहा, महात्मा गांधी जी ने कहा था कि इस देश की आत्मा गांवों में बसती है. यूपीए सरकार गांवों को मजबूत करने के लिए मनरेगा योजना लेकर आई और गरीबों को उनके ही गांव में काम मिला. मगर, बीजेपी सरकार ने इस योजना का बजट कम कर दिया और जमकर घोटाले किए. एक सांसद ने कहा कि गांवों तक एलपीजी पहुंच गई लेकिन हकीकत आज सब देख रहे हैं. एलपीजी के दाम आसमान छू रहे हैं. अब मंत्री जी सदन को बताएं कि गटर से गैस निकलेगी कैसे और रोटी पकेगी कैसे?
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