
वाशिंगटन। भारतीय आईटी पेशेवरों (Indian IT Professionals) और विदेश में नौकरीपेशा लोगों के लिए अमेरिका (America) से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां अमरीकी श्रम विभाग (U.S. Department of Labor) ने H-1B वीजा (H-1B Visa) कार्यक्रम से प्रतिबंधित की गई कंपनियों की नई सूची जारी की है। इसके तहत विभाग ने इमिग्रेशन नियमों का जानबूझकर उल्लंघन करने के आरोप में चार कंपनियों को ‘विलफुल वायोलेटर’ घोषित कर दिया है। इसके साथ ही इन कंपनियों को H-1B वीजा स्पॉन्सर करने से भी रोक दिया है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सरकार ने गौड़ाटेक को मई 2025 से मई 2027 तक, रेनोटेक ग्रुप को अगस्त 2025 से अगस्त 2027 तक, सीलोज़ को मार्च 2026 से मार्च 2028 तक और शेरवुड एकेडमी को मई 2026 से मई 2028 तक के लिए ब्लैकलिस्ट किया है। प्रतिबंध की इस अवधि के दौरान ये चारों कंपनियां किसी भी नए विदेशी कर्मचारी के लिए H-1B वीजा अर्जी दाखिल नहीं कर सकती हैं।
क्यों किया गया बैन
दरअसल अमरीका में ‘विलफुल वायोलेटर’ का टैग किसी छोटी-मोटी कागजी गलती पर नहीं दिया जाता। यह सख्त कार्रवाई उन एंप्लॉयर पर की जाती है जो H-1B नियमों का जानबूझकर उल्लंघन करते हैं या लेबर कंडीशन एप्लीकेशन जमा करते समय अहम जानकारियों और तथ्यों को जानबूझकर छुपाते या गलत बताते हैं। अमरीकी आव्रजन और राष्ट्रीयता अधिनियम (INA) के तहत दोषी पाए जाने पर इन कंपनियों पर इस तरह के सख्त प्रतिबंध लगाए जाते हैं।
प्रतिबंध हटने के बाद भी होगी निगरानी
हालांकि यह रोक हमेशा के लिए नहीं लगाई गई है, लेकिन प्रतिबंध की अवधि खत्म होने के बाद भी इन कंपनियों की राह आसान नहीं होगी। बैन हटने के अगले 5 सालों तक अमरीकी श्रम विभाग इन पर सख्त नजर रखेगा। इस दौरान इन कंपनियों को यह साबित करना होगा कि उन्होंने अमरीकी कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर उनकी जगह H-1B कर्मचारियों को नहीं रखा है। साथ ही, उन्हें विदेशी कर्मचारियों को स्पॉन्सर करने से पहले अमरीकी नागरिकों को नौकरी देने की कोशिश करनी होगी। इसके अलावा उन्हें सरकारी जांच का भी सामना करना पड़ेगा।
भारतीयों के लिए चिंता की बात
भारतीय H-1B आवेदकों और पेशेवरों के लिए राहत की बात यह है कि उन्हें फिलहाल घबराने या चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। यह प्रतिबंध केवल इन्हीं चार कंपनियों पर लागू होता है और इसका असर बाकी अमरीकी कंपनियों पर नहीं पड़ेगा। फिर भी, अगर आप अमेरिका में नई नौकरी के लिए आवेदन कर रहे हैं या H-1B वीजा स्पॉन्सरशिप की प्रक्रिया में हैं, तो कंपनी की जांच जरूर कर लें। इसके अलावा आपको अमेरिकी श्रम विभाग की सूची की भी जांच करनी चाहिए।
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