
वाशिंगटन. अमेरिका (US) में मिडटर्म चुनाव (Midterm elections) को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं. चुनाव में जीत हासिल करने के लिए उम्मीदवार भारतीय-अमेरिकी वोटर्स (Indian-American voters) को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके लिए कोई भारतीय रेस्तरां में डोसा (dosas) बना रहा है, तो कोई मंदिरों (temple) में पहुंचकर दिवाली और दूसरे धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहा है. भारतीय समुदाय की बड़ी आबादी वाले राज्यों में उम्मीदवारों का यह रुख खास तौर पर देखने को मिल रहा है.
डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ने बनाया डोसा
टेक्सास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको भारतीय-अमेरिकी वोटर्स से जुड़ने के लिए एक भारतीय रेस्तरां पहुंचे. यह रेस्तरां डलास के पास इरविंग में है, जहां भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी रहती है. टालारिको ने काला सूट और सफेद शर्ट पहनकर गर्म तवे पर डोसे का बैटर डाला. उन्होंने उसे फैलाया और उसमें मसालेदार आलू की फिलिंग भरी. इसके बाद डोसे को मोड़कर केले के पत्ते पर परोसा. वहां मौजूद लोगों ने उनके इस अंदाज की तारीफ की.
टेक्सास में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोगों ने टालारिको के इस कदम का स्वागत किया. राज्य में रिपब्लिकन पार्टी के कुछ नेताओं और समर्थकों की ओर से भारतीयों को लेकर नस्लीय टिप्पणियां किए जाने का भी मुद्दा सामने आया है. टालारिको टेक्सास की सीनेट सीट के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन को चुनौती दे रहे हैं. टेक्सास परंपरागत रूप से रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत राज्य माना जाता है.
Texas Democratic US Senate candidate @jamestalarico making a mouth watering masala dosa in Dallas! 🤤 https://t.co/z02BqoRSxr
— Nathan Punwani (@npunwani) October 30, 2026
टेक्सास के कारोबारी जेम्स ब्लंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर टालारिको के इस कदम की तारीफ की. उन्होंने कहा कि टालारिको इस मौके का फायदा उठा रहे हैं. ब्लंट ने रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े कुछ लोगों की भारतीयों और भारतीय खाने पर की गई टिप्पणियों का भी जिक्र किया.
उन्होंने लिखा कि एक पार्टी लोगों के बीच बंटवारा बढ़ा रही है, जबकि दूसरी भारतीय चावल से बने डोसे परोस रही है. उन्होंने डोसे को स्वादिष्ट भी बताया.
मंदिरों और दिवाली समारोहों में पहुंच रहे नेता
भारतीय-अमेरिकी वोटर्स तक पहुंचने के लिए मंदिर और दिवाली समारोह भी अमेरिकी उम्मीदवारों के प्रचार का हिस्सा बन रहे हैं. कनेक्टिकट के गवर्नर नेड लैमॉन्ट ने राज्य की राजधानी में आयोजित दिवाली समारोह में हिस्सा लिया. उनके साथ डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट जेनिफर बाराहोना भी मौजूद थीं.
ओहायो के कांग्रेसमैन ग्रेग लैंड्समैन शेरॉनविल स्थित BAPS स्वामीनारायण मंदिर के 11वें पाटोत्सव में शामिल हुए. यह कार्यक्रम मंदिर की स्थापना की वर्षगांठ के मौके पर आयोजित किया गया था.
न्यू जर्सी के अमेरिकी सीनेटर कोरी बुकर ने अक्षरधाम मंदिर में दिवाली समारोह में हिस्सा लिया. वहीं, कांग्रेसमैन रैंडी फाइन और स्कॉट पेरी पेंसिल्वेनिया के हैरिसबर्ग स्थित एक मंदिर पहुंचे. मिशिगन के कांग्रेसमैन जॉन जेम्स ने भी स्वामीनारायण मंदिर का दौरा किया. उन्होंने वहां की परंपराओं और हिंदू-अमेरिकी समुदाय की सेवा भावना को समझने की कोशिश की.
क्यों अहम हैं भारतीय-अमेरिकी वोटर्स?
अमेरिका के कई राज्यों में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की अच्छी खासी आबादी है. इनमें कैलिफोर्निया, टेक्सास, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन, इलिनॉय, पेंसिल्वेनिया और जॉर्जिया शामिल हैं.
Thank you to the BAPS Hindu community for welcoming me to their temple to celebrate 11 years since opening.
It was a beautiful celebration filled with faith and community. 🙏🏻💙 https://t.co/QwdzuDGZi8
— Congressman Greg Landsman (@RepGregLandsman) October 26, 2026
जॉर्जिया, पेंसिल्वेनिया, मिशिगन और नॉर्थ कैरोलिना जैसे राज्यों में मुकाबला करीबी हो सकता है. ऐसे में भारतीय-अमेरिकी वोटर्स के वोट नतीजों पर असर डाल सकते हैं. यही वजह है कि उम्मीदवार इस समुदाय के बीच अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं.
अमेरिका में भारतीय समुदाय की राजनीतिक और सामाजिक भूमिका को देखते हुए उम्मीदवार अब सिर्फ चुनावी रैलियों तक सीमित नहीं हैं. वे मंदिरों, त्योहारों और भारतीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होकर वोटर्स से सीधे जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved