
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) और उनके पूर्व करीबी सहयोगी माइकल कोहेन (Michael Cohen) के बीच वर्षों पुरानी दुश्मनी अब खत्म होती नजर आ रही है। कभी ट्रंप के खिलाफ अदालत में गवाही देने वाले कोहेन के रेडियो शो में ट्रंप शामिल हुए, जहां दोनों के बीच बातचीत का माहौल काफी सहज और दोस्ताना रहा। इस दौरान दोनों ने पुराने रिश्ते, विवाद और एक-दूसरे को माफ करने को लेकर खुलकर बात की।
‘बॉस, याद है जब मैं आपके साथ था…’
रेडियो शो में कोहेन ने ट्रंप को पुराने दिनों की याद दिलाते हुए कहा, ‘बॉस, याद है जब मैं आपके साथ था।’ ट्रंप ने भी इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने कोहेन का इस्तेमाल किया था और उनके अपने पुराने बयानों से पीछे हटने की बात की सराहना की।
कोहेन ने बताया कि पिछले करीब एक साल में दोनों के बीच कई बार बातचीत हुई है। उनका कहना था कि दोनों ने एक-दूसरे को माफ कर दिया है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि अतीत की घटनाएं भुला दी गई हैं, बल्कि अब दोनों नहीं चाहते कि पुराना विवाद उनके भविष्य को प्रभावित करे।
कभी ट्रंप के सबसे भरोसेमंद लोगों में थे
माइकल कोहेन करीब 15 साल तक ट्रंप के बेहद करीबी रहे। वह उनके कारोबारी और राजनीतिक मामलों में अहम भूमिका निभाते थे। लेकिन 2018 में दोनों के रिश्ते पूरी तरह बिगड़ गए। जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद कोहेन ने ट्रंप के खिलाफ कई आरोप लगाए और जांच में सहयोग किया। 2019 में उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस के सामने भी गवाही दी। इसके बाद वह ट्रंप के सबसे मुखर आलोचकों में शामिल हो गए।
हश-मनी केस में ट्रंप के खिलाफ दी गवाही
2024 के हश-मनी मामले में कोहेन अभियोजन पक्ष के प्रमुख गवाह बने। उन्होंने दावा किया कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले ट्रंप से जुड़ी कुछ संवेदनशील जानकारियों को सामने आने से रोकने की कोशिश की गई थी।
इस मुकदमे में ट्रंप को 34 मामलों में दोषी ठहराया गया। हालांकि, कोहेन की अपनी कानूनी मुश्किलें भी कम नहीं हुईं। उन्होंने कांग्रेस से झूठ बोलने और चुनावी वित्त नियमों के उल्लंघन समेत कई मामलों में दोष स्वीकार किया था।
किताब में ट्रंप को बताया था ‘मैनिपुलेटर’
कोहेन ने 2020 में अपनी किताब के जरिए ट्रंप पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने ट्रंप की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें ‘मास्टर मैनिपुलेटर’ तक बताया था। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने कुछ पुराने दावों पर सवाल उठाए और कहा कि ट्रंप के खिलाफ गवाही के दौरान जांच एजेंसियों ने उन पर दबाव बनाया था। ट्रंप ने भी कोहेन के बदले हुए रुख से जुड़े उनके बयानों को सोशल मीडिया पर साझा किया था।
अब सजा माफी की उम्मीद
कोहेन ने बताया कि उन्होंने व्हाइट हाउस में अपनी सजा माफी की अर्जी दोबारा भेजी है। उनकी पिछली अर्जी खारिज हो चुकी थी। फिलहाल नई अर्जी पर कोई फैसला नहीं हुआ है।
कभी ट्रंप के खिलाफ अदालत में गवाही देने वाले कोहेन का अब उन्हीं के साथ दोस्ताना अंदाज में नजर आना अमेरिकी राजनीति में रिश्तों के बदलते समीकरण की दिलचस्प मिसाल माना जा रहा है।
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