
वॉशिंगटन. अमेरिका (US) और ईरान (Iran) के बीच प्रस्तावित समझौता पश्चिम एशिया (West Asia) में लंबे समय की शांति सुनिश्चित कर सकता है और ईरान के परमाणु कार्यक्रम (Nuclear program) को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। यह दावा व्हाइट हाउस (White House) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को किया है।
अधिकारी के अनुसार, यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा तय किए गए मुख्य उद्देश्यों को पूरा करता है और इसे आने वाले कुछ दिनों में अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है, हालांकि ईरान के भीतर अभी भी कुछ आंतरिक मतभेद बने हुए हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य और प्रतिबंधों पर बड़ा दावा
व्हाइट हाउस अधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित समझौते के तहत:
होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा।
किसी भी प्रकार की नाकेबंदी समाप्त की जाएगी।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त किया जाएगा।
संवर्धित यूरेनियम को देश से बाहर या नष्ट किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल परमाणु खतरे को खत्म करेगा, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता को भी मजबूत करेगा।
परमाणु सामग्री पर सख्त निरीक्षण व्यवस्था
अधिकारी ने बताया कि समझौते में एक सख्त निरीक्षण प्रणाली शामिल होगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ईरान अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करे। इसके तहत परमाणु सामग्री को या तो मौके पर नष्ट किया जाएगा या देश से बाहर ले जाया जाएगा।
ईरान को आर्थिक लाभ प्रदर्शन पर आधारित होगा
व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि ईरान को समझौते पर हस्ताक्षर के समय किसी भी प्रकार का तत्काल वित्तीय लाभ नहीं दिया जाएगा। अधिकारी के अनुसार, आर्थिक राहत केवल तभी प्रदान की जाएगी जब ईरान अपनी सभी प्रतिबद्धताओं का पालन करेगा। इसमें परमाणु सामग्री सौंपने पर आर्थिक लाभ, परमाणु सुविधाओं को बंद करने पर अतिरिक्त राहत और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता में योगदान देने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन शामिल होंगे।
ईरान के भीतर मतभेद भी बड़ी चुनौती
अधिकारी ने यह भी स्वीकार किया कि ईरान के भीतर सभी पक्ष इस समझौते से सहमत नहीं हैं। हालांकि, अधिकांश प्रभावशाली समूह इसे आगे बढ़ाना चाहते हैं और आंतरिक मतभेद धीरे-धीरे सुलझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान की आधिकारिक मीडिया पर पूरी तरह भरोसा करना गलत हो सकता है, क्योंकि वहां आंतरिक राजनीतिक संदेशों को अलग तरीके से प्रस्तुत किया जाता है।
समझौते के जल्द साइन होने की संभावना
व्हाइट हाउस अधिकारी के अनुसार, इस समझौते के अगले कुछ दिनों में साइन होने की संभावना 80 से 85 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी अंतिम सहमति नहीं बनी है।
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